Parenting Tips: क्या आपका बच्चा भी करने लगा है बदतमीजी, ऐसे लाएं लाइन पर, अपनाएं ये 5 टिप्स

Parenting Tips: बच्चे जिज्ञासु और ऊर्जावान होते हैं, और कभी-कभी वे ऐसी आदतें विकसित करते हैं जो हमें पसंद नहीं होतीं। चीखना-चिल्लाना एक आम समस्या है जो कई माता-पिता को परेशान करती है। यह बच्चों को डरा सकता है, उन्हें नकारात्मक प्रभावित कर सकता है, और उन्हें अनुशासित करने में भी कम प्रभावी हो सकता है।

Bhawna Choubey
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Parenting Tips: जिद्द करने की आदत हर बच्चे में होती है। कभी-कभी बच्चे इतनी ज्यादा जिद्द करने लगते हैं की माता-पिता परेशान हो जाते हैं और गुस्से में उन्हें डांटने फटकारने लगते हैं, यहां तक की कभी-कभी हाथ भी उठा देते हैं। हालांकि, सबसे पहले यह बात समझना जरूरी है कि केवल आपका बच्चा ही जिद्द नहीं करता है दुनिया के सारे बच्चे जिद्द करते हैं। कई बार माता-पिता की ओर से बच्चों पर चिल्लाना डांटना स्थिति को खराब कर सकता है और बच्चे को और भी ज्यादा जिद्देला बना सकता है। अगर आपका बच्चा भी बहुत ज्यादा जिद्द करता है या कभी-कभी आपके साथ बदतमीजी करता है तो आपको उसे डांटने की जरूरत नहीं है बल्कि प्यार से समझने की जरूरत है। आज हम आपको इस लेख के द्वारा ऐसे ही कुछ टिप्स बताने जा रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप अपने बच्चों के बर्ताव को बिना चिल्लाए सुधार सकते हैं, तो चलिए जानते हैं।

बिना चीखे-चिल्लाए कैसे सुधारें बच्चों की आदते

1. शांत रहें

जब आप शांत रहते हैं, तो आप बच्चे को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं और उसे समझा सकते हैं। यदि आप गुस्से में हैं, तो कुछ गहरी सांसें लें और शांत होने की कोशिश करें। अगर आप गुस्से में बच्चों को समझाएंगे तो इसका बच्चे पर बुरा असर पड़ सकता है

2. शांति से बच्चों की बातें सुनें

बच्चे अक्सर अपनी बात कहना चाहते हैं, लेकिन कई बार हम उन्हें सुनने के लिए समय नहीं देते हैं। यह उनके विकास और सीखने के लिए महत्वपूर्ण है कि हम उनकी बात धैर्य से सुनें। जब हम बच्चों की बात सुनते हैं, तो यह उन्हें दिखाता है कि हम उनकी परवाह करते हैं और उनकी बातों को महत्व देते हैं। जब बच्चे अपनी बात कहने में सक्षम होते हैं, तो यह उन्हें खुद पर विश्वास करने में मदद करता है।जब हम बच्चों की बात सुनते हैं, तो यह उन्हें बेहतर तरीके से संवाद करने के लिए प्रोत्साहित करता है। जब हम बच्चों की बात सुनते हैं, तो यह उन्हें अपनी समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है।

3. बच्चों के बर्ताव पर रियेक्ट न करें

कभी-कभी, बच्चे ऐसा व्यवहार करते हैं जो हमें पसंद नहीं होता है। हम उन्हें चुप कराने, उन्हें डांटने या उन्हें दंडित करने के लिए प्रतिक्रिया दे सकते हैं। हालांकि, यह हमेशा सबसे अच्छा तरीका नहीं होता है। कुछ मामलों में, बच्चे के बर्ताव पर प्रतिक्रिया न देना बेहतर हो सकता है। यह उन्हें यह सिखाने में मदद कर सकता है कि उनका व्यवहार स्वीकार्य नहीं है और उन्हें ध्यान आकर्षित करने के लिए इसका उपयोग नहीं करना चाहिए।

4. बच्चे से बात करें

बच्चे को समझाएं कि उसकी आदत आपको क्यों पसंद नहीं है। उसे बताएं कि यह आदत उसे कैसे नुकसान पहुंचा सकती है या दूसरों को कैसे परेशान कर सकती है।बच्चे से बात करना एक महत्वपूर्ण तरीका है जिससे आप उनके साथ संबंध बना सकते हैं, उन्हें प्यार और सम्मान दिखा सकते हैं, और उन्हें दुनिया को समझने में मदद कर सकते हैं।

5. बच्चे की सराहना करें

जब बच्चा अपनी आदत बदलने की कोशिश करता है, तो उसकी सराहना करें। उसे बताएं कि आप उसके प्रयासों को देखते हैं और उसकी सराहना करते हैं।बच्चे की सराहना करना उन्हें प्यार, सम्मान और आत्मविश्वास महसूस कराने का एक महत्वपूर्ण तरीका है। यह उन्हें अच्छा व्यवहार करने और सीखने के लिए प्रोत्साहित करता है।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।


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Bhawna Choubey

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इस रंगीन दुनिया में खबरों का अपना अलग ही रंग होता है। यह रंग इतना चमकदार होता है कि सभी की आंखें खोल देता है। यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि कलम में बहुत ताकत होती है। इसी ताकत को बरकरार रखने के लिए मैं हर रोज पत्रकारिता के नए-नए पहलुओं को समझती और सीखती हूं। मैंने श्री वैष्णव इंस्टिट्यूट ऑफ़ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन इंदौर से बीए स्नातक किया है। अपनी रुचि को आगे बढ़ाते हुए, मैं अब DAVV यूनिवर्सिटी में इसी विषय में स्नातकोत्तर कर रही हूं। पत्रकारिता का यह सफर अभी शुरू हुआ है, लेकिन मैं इसमें आगे बढ़ने के लिए उत्सुक हूं।मुझे कंटेंट राइटिंग, कॉपी राइटिंग और वॉइस ओवर का अच्छा ज्ञान है। मुझे मनोरंजन, जीवनशैली और धर्म जैसे विषयों पर लिखना अच्छा लगता है। मेरा मानना है कि पत्रकारिता समाज का दर्पण है। यह समाज को सच दिखाने और लोगों को जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। मैं अपनी लेखनी के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करूंगी।

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