कॉलेजों को लेकर सरकार का प्लान, इस बार छुट्टियां कम और सत्र देर से

कॉलेजों को लेकर सरकार का प्लान, इस बार छुट्टियां कम और सत्र देर से

अशोकनगर, हितेंद्र बुधोलिया| Ashoknagar news उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव (Higher Education minister mohan yadav) जिले के कॉलेजों के प्राचार्यो के साथ बैठक करने के लिये यहाँ पहुचे। लेकिन चंद मिनटों की बैठक के पहले उच्च शिक्षा मंत्री करीब उपचुनाव की रणनीति के तहत जातीगत समीकरणों को साधने के लिए अलग-अलग स्थानों पर बैठक करते हुए रहे।

पत्रकारवार्ता में जिले की उच्च शिक्षा को लेकर उनसे कई सवाल किए गए। सिंधिया एवं इमरती देवी से जुड़े विवादों के सवालों से मंत्रीजी कन्नी काट गये। इस दौरान एनएसयूआई (NSUI) ने अशोकनगर (Ashoknagar) में कन्या महाविद्यालय खोलने के लिये ज्ञापन भी उच्च शिक्षा मंत्री को सौपा।

उच्च शिक्षामंत्री ने विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जिले के कॉलेजों की समस्याओं के साथ-साथ अपने विभाग की आगामी कार्ययोजनाओं को लेकर चर्चा की। एक सवाल के जबाव में श्री यादव ने कहा कि प्रदेश भर में स्टॉफ और संसाधनों की कमी है। करीब 93 फीसदी महाविद्यालय प्रभारी प्राचार्यो के भरोसे चल रहे हैं। इसके अलावा 1400 कॉलेजों के पास खुद की बिल्डिंग तक नहीं है। उन्होंने कहा कि आगामी 5 साल में इन सबको भवन उपलब्ध कराने की योजना बनाई जाएगी।

वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान पाठ्यक्रम को पूरा कराने एवं परीक्षाओं को संचालित करने की बड़े सवाल को लेकर मंत्री श्री यादव ने कहा कि सरकार और उनके विभाग में पूरे प्रदेश में युजीसी एवं अन्य नियामक संस्थानों की गाइडलाइन के अनुसार प्रदेश के बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर कार्ययोजना बनाई है। इसके तहत मप्र में पाठ्यक्रम को बगैर कम किए शैक्षणिक सत्र बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। जिसमें गर्मियों की छुटिटयों को कम करने एवं अगला सत्र बिलम्ब से शुरू करने का प्रस्ताव बनाया गया है। अशोकनगर जिले के 8 कॉलेजों में से किसी में भी प्राचार्य न होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि आरक्षण नियमों एवं भर्ती न होने की वजह से यह परिस्थिति बनी है।

कांग्रेस के आरोपो पर तिलमिलाये
दो साल पहले मुंगावली उपचुनाव के दौरान अशोकनगर जिले मे पिपरई, सहराई और शाढ़ौरा में खोले गए कॉलेजों में स्टॉफ एवं बिल्डिंग न होने पर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में मंत्री श्री यादव ने कहा कि अगर कांग्रेस को आपत्ती है तो उन्होंने अपने कार्यकाल में इन कॉलेजों को बंद क्यो नहीं कर दिया। उल्लेखनीय है कि दो साल पहले भाजपा ने राजनैतिक फायदे के लिये ये कॉलेज तो खोल दिये थे,मगर स्टाफ एवं बिल्डिंग देने के कॉंग्रेस के सवाल पर कॉलेजों को बंद कराने की बात की बेतुकी बात कह गये।

दौरा चुनावी फायदे का
कहने के लिये भले ही मंत्री श्री यादव का यह दौरा कॉलेजों के प्रचार्यो की बैठक का था।मगर हकीकत में उनका दौरा चुनावी रणनीति से जुड़ा था।जिस बैठक के लिये आये थे उसमे करीव 4 घण्टे बाद पहुचे वो भी चंद मिनिट के लिये।जिले की दो सीटों पर उपचुनाव है ।दोनो ने यादव समाज के अच्छे खासे वोट है।इन सीटों पर चुनावों की रणनीति को देखते हुए यह कार्यक्रम बनाया गया। मंत्री कई लोगो से व्यक्तिगत मुलाकात करते रहे।

शासन की नई पहल
मप्र सरकार के उच्च शिक्षामंत्री मोहन यादव अशोकनगर पहुंचे। जिले के सभी कॉलेजों के प्राचार्यो की बैठक ली। कोरोना संकट के दौरान पाठ्यक्रमों को पूरा करने के लिए इस बैठक में कोरोना संक्रमण के दौरान शैक्षणिक गतविधियों को पूरा करने एपं पाठ्यक्रम पूरा करने पर जिनमें पाठ्यक्रम को पूरा करने एवं परीक्षाओं को कराने को लेकर बातचीत की। साथ ही कॉलेजों की जरूरतों को प्रभारी प्राचार्यो से बातचीत की। पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा नियामक संस्थाओं द्वारा जारी किए गए मापदण्डों के अनुसार प्रदेश के कॉलेजों में पाठ्यक्रम को पूरा कराने एवं अन्य गतिविधियों को पूरा करानेप्लानिंग की जा रही है। जिसके तहत2 इस बार गर्मियों की छुटिटयों को कम करने एवं अगले सत्र को देर से शुरू करने का विचार किया जा रहा है।
सिंधिया ,इमारती देवी से जुड़े सवाल डाल गये कांग्रेस सरकार में अशोकनगर जिले के कॉलेजों में जनभागीदारी समिति के अध्यक्षों की नियुक्ति न होने के पीछे ज्योतिरादित्य सिंधिया के इलाके होने से जुड़े सवाल को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री कुछ भी नहीं बोले ,साथ ही मंत्रिपरिषद में उनकी सहयोगी इमरती देवी द्वारा चुनाव कलेक्टरों के भरोसे जीते जाने वाले बयान पर भी मंत्री यादव कन्नी काट गए।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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