ज्योतिरादित्य सिंधिया

अशोकनगर, हितेंद्र बुधौलिया। 17 वर्ष तक मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के अशोकनगर जिले  का संसद में प्रतिनिधित्व करने वाले सांसद एवं भारत सरकार में मंत्री रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) लोकसभा सदस्य रहते जब भी अपने इलाके में आए बहुत सामान्य और सहज परिस्थितियों में होते थे। सुरक्षा के बडे लाव लश्कर की बात तो छोड़िये केंद्रीय मंत्री रहते क्षेत्र में कभी उनकी गाड़ी पर लाल बत्ती लगी नही देखी गई थी। मगर इस बार जब राज्यसभा सदस्य बनने के बाद पहली बार अशोकनगर आए तो ज्योतिरादित्य सिंधिया सुरक्षा के ऐसे घेरे में रहे जो पहले कभी देखने को नहीं मिला ।

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हैरानी की बात तो ये है कि उनकी सुरक्षा को लेकर पुलिस (Police) कितनी मुस्तैद थी, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ग्वालियर रेंज के डीआईजी (Gwalior DIG) खुद उनके साथ चल रहे थे ।जहां जहां  ज्योतिरादित्य सिंधिया जा रहे थे या जिन इलाकों से निकलना था, उन स्थानों पर पुलिस तैनात की गई थी, चौराहों और गलियों में भी सुरक्षा के लिहाज से पुलिस की व्यवस्था की गई थी ।पूरे समय सिंधिया एक बड़े लाव लश्कर एवं सुरक्षा के घेरे में रहे ।यह बड़ी चर्चा का विषय है क्योंकि इस इलाके में उन्हें इस तरह पहले कभी नही देखा था।

दरअसल, बीते दिनों ग्वालियर (Gwalior) में उनके काफिले में हुई सुरक्षा की चूक एवं बेशर्म के फूल देने की घटनाओं के बाद पुलिस ने लॉ एन्ड ऑर्डर की दृष्टि से इस बार  ज्योतिरादित्य सिंधिया की सुरक्षा में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी ।करीब 1 सैकड़ा से अधिक लोगों को इस दौरे में उनकी सुरक्षा में लगाया गया था। बकायदा पुलिस ने ब्लैक कमांडो का एक सुरक्षा घेरा पूरे समय सिंधिया के आस पास रखा ।

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इसके अलावा सादा वर्दी एवं जिन स्थानों से निकल रहे थे उन मार्गों पर भी पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था थी ताकि कोई अप्रिय स्थिति सिंधिया के साथ ना हो।अशोक नगर पुलिस अधीक्षक (Ashoknagar SP) रघुवंश सिंह भदौरिया का कहना है कि राज्यसभा सांसद सिंधिया को जेड श्रेणी (Z Security)की सुरक्षा मिली हुई है ।उसके अलावा और में हूं कुछ घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो तथा प कानून एवं व्यवस्था के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था लगाई थी।

सुरक्षा पर चर्चा, कोतूहल एवं कयासों का दौर

इस इलाके से चार बार संसद सदस्य चुने गए ज्योतिरादित्य सिंधिया यूं तो देश में बड़े कद के राजनेता है, मगर अपने क्षेत्र में वह हमेशा लो प्रोफाइल ही रहते थे। खासकर सुरक्षा एवं लाव लश्कर को लेकर। मगर ऐसा क्या हुआ किस जब वह राज्यसभा के सदस्य बनकर यहां आए तो इतना भारी लाव लश्कर उनके साथ रहा। 2 साल पहले कांग्रेस की सरकार बनने के बाद करीब आधा दर्जन मंत्रियों के साथ अशोकनगर (Ashoknagar District)  आने के बाद भी इतना लाव लश्कर एवं वाहनों के साए साए लोगों ने नहीं देखी थी जो इस बार सिंधिया के साथ देखी गई है।

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इसी की चर्चा ज्योतिरादित्य सिंधिया के कार्यक्रम से ज्यादा इस बार रही है लोग बड़े ही कौतूहल से सिंधिया के नए जलवे को देख रहे हैं। चुंकी मसला सिंधिया की सुरक्षा से जुड़ा है , इसलिए कांग्रेस (MP Congress) अधिकृत रूप से इस पर कोई बयान तो नहीं जारी कर रही मगर उनके कुछ कार्यकर्ता सोशल मीडिया (Social Media) पर जरूर इस भारी-भरकम लाव लश्कर पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि लोग तो एक जिले में, एक ही दिन में दो अलग अलग सांसदों के बीच दबदबे एवं रुतवे के अंतर के तौर पर भी इसकी चर्चा कर रहे हैं।

बीते दिनों 14 पुलिसकर्मी हुए थे सस्पेंड

बता दे कि हाल ही में ग्वालियर दौरे के दौरान राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia)की सुरक्षा में दो बार बड़ी चूक देखने को मिली थी।हुआ यूं था कि 21 जून को रात को जब वे सड़क मार्ग से दिल्ली से ग्वालियर (Gwalior) आ रहे थे, तब पायलट और फॉलो वाहन उनकी सुरक्षा ना करते हुए किसी दूसरी गाड़ी को सुरक्षा देते रहे और सिंधिया कई किलोमीटर तक बिना सुरक्षा के अकेले चलते रहे। जैसे ही मामला उजागर हुआ अधिकारियों में हड़कंप मच गया था, इसके बाद मामले पर एक्शन लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने 14 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड (Suspend) कर दिया है। इनमें 9 मुरैना के और 5 ग्वालियर जिले के पुलिसकर्मी शामिल थे।