बालाघाट, सुनील कोरे। खाद्य सुरक्षा अधिनियम का उल्लंघन कर उपभोक्ताओं को अमानक स्तर का पान मसाला विक्रय करने के मामले में न्यायालय अपर कलेक्टर बालाघाट द्वारा पान मसाला का विक्रय करने वाले एवं उसके वितरक व निर्माण करने वाली फर्म पर कुल 2 लाख 52 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की यह राशि 30 दिनों के भीतर चालान द्वारा शासन के खाते में जमा कराने कहा गया है। अन्यथा यह राशि भू-राजस्व के बकाया की तरह वसूल कर ली जायेगी।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी शरद चन्द्र साहू एवं वाजिद मोहिब द्वारा 24 सितम्बर 2017 को रानी अवंती बाई चौक स्थित खाद्य सामग्री के कारोबारी मोहसीन ट्रेडर्स के प्रतिष्ठान का आकस्मिक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान वहां पर विक्रय के लिए रखे राजश्री पान मसाला के अवमानक होने के संदेह पर उसके नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गये थे। राज्य स्तरीय प्रयोगशाला में राजश्री पान मसाला के नमूने अमानक स्तर के पाये गये और उसकी रिपोर्ट 25 जनवरी 2020 को प्राप्त हुई। इस पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम का उल्लंघन करने के कारण राजश्री पान मसाला का विक्रय करने वाले मोहसीन ट्रेडर्स के मालिक अब्दुल जाहिद, संग्राहक लक्ष्मी ट्रेडिंग वार्ड नंबर-20 रामगली के मालिक त्रिलोक दुबे, वितरक शांति मार्केटिंग गंजीपुरा, जबलपुर के निदेशक व मैनेजर एवं राजश्री पान मसाला के निर्माता औद्योगिक क्षेत्र गोविंदपुरा, भोपाल स्थित कयपान पान प्रोडक्ट प्रायवेट लिमिटेड 12/1 सेक्टर-डी के मैनेजर के विरूद्ध कार्यवाही के लिए प्रकरण अपर कलेक्टर न्यायालय बालाघाट में प्रस्तुत किया गया था।

अपर कलेक्टर फ्रेंक नोबल ए के न्यायालय में इस प्रकरण की सुनवाई के दौरान सभी पक्षों को सुना गया। प्रकरण की सुनवाई के बाद अपर कलेक्टर श्री नोबल ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम का उल्लंघन करने के कारण राजश्री पान मसाला का विक्रय करने वाले मोहसीन ट्रेडर्स के मालिक अब्दुल जाहिद पर 05 हजार रुपये, संग्राहक लक्ष्मी ट्रेडिंग वार्ड नंबर-20 रामगली के मालिक त्रिलोक दुबे पिता लक्ष्मीकांत दुबे पर 12 हजार रुपये, वितरक शांति मार्केटिंग गंजीपुरा, जबलपुर के निदेशक व मैनेजर पर 35 हजार रुपये एवं राजश्री पान मसाला के निर्माता औद्योगिक क्षेत्र गोविंदपुरा, भोपाल स्थित कयपान पान प्रोडक्ट प्रायवेट लिमिटेड 12/1 सेक्टर-डी के मैनेजर एवं प्रोपराईटर पर 02 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। अमानक स्तक के राजश्री पान मसाला के विक्रय के इस मामले में जुर्माने की राशि 30 दिनों के भीतर शासन के खाते में चालान के माध्यम से जमा कराने कहा गया है।