ऊर्जा मंत्री

बडवानी, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में कार्य में लापरवाही बरतने के कारण मुख्य कार्यपालन अधिकारी(CEO) द्वारा जनपद पंचायत के क्लर्क को तत्काल प्रभाव से निलंबित (suspend) कर दिया गया है। इस मामले में कार्यपालन अधिकारी का कहना है कि ग्राम पंचायत के दोनों सचिव द्वारा कारण बताओ नोटिस (so cause notice) का संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया था। जिसके बाद इस तरह की कार्रवाई की गई है।

दरअसल मामला बड़वानी (barwani) जिले का है। जिला पंचायत पिसनावल के सचिव दीनदयाल बुके और ग्राम पंचायत पंचकूला दक्षिण के सचिव ज्ञान सिंह अलावे को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। मामले में सीईओ (CEO) का कहना है कि ग्राम पंचायत और ग्राम विकास विभाग अंतर्गत आने वाले जनपद पंचायत सेंधवा में विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में सचिव दीनदयाल बुके अनुपस्थित रहे इसके बारे में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

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इसके अलावा ग्राम पंचायत पंचकूला दक्षिण के सचिव ज्ञान सिंह अलावे पंचायत मुख्यालय पर उपस्थित नहीं थे। वही ग्रामीणों की शिकायत है कि ग्राम पंचायत में उपस्थित होने पर वह शराब पीकर ऑफिस आते थे। जिसके बाद उन्हें 2 जून को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। मामले में ग्राम पंचायत सचिव ज्ञान सिंह द्वारा जवाब प्रस्तुत किए गए थे। बावजूद इसके निरीक्षण पर स्थिति संतोषजनक ना पाए जाने के कारण सचिव ज्ञान सिंह को भी निलंबित कर उन्हें जिला पंचायत बड़वानी नियत किया गया है।

एक अन्य कार्रवाई में जिला पंचायत सीईओ ऋतुराज सिंह ने जनपद पंचायत पानसेमल के पदस्थ सहायक ग्रेड 3 को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए हैं। जिला पंचायत सीईओ ऋतुराज सिंह ने बताया कि राजेंद्र येसीकर द्वारा पदीय दायित्व में लापरवाही बरती गई थी। जिसके बाद उन्हें कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था। 9 जून को जारी हुए सूचना पत्र का संतोषजनक उत्तर न देने के कारण उन्हें निलंबित किया गया है।