बैतूल- कोरोना से ठीक हुए मरीजों के लिये इस चिकित्सालय की सराहनीय पहल, मिलता है अच्छा और निःशुल्क इलाज

मरीजों को अच्छा माहौल देने के साथ ही यहां इलाज में एलोपैथी (allopathy) के अलावा आयुर्वेदिक काढ़ा और म्यूजिक थेरेपी भी दी जाती है, जिससे मरीज जल्द ठीक होते हैं और अस्पताल की तारीफ करने से नहीं चूकते हैं ।

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बैतूल, वाजिद खान। मध्य प्रदेश के बैतूल (betul) की ओम स्वास्थ्य एवं शिक्षा समिति के द्वारा श्री ओम चिकित्सालय संचालित किया जा रहा है। कोरोना मरीजों (corona patients) की बढ़ती संख्या को लेकर इस चिकित्सालय को कोविड चिकित्सालय में परिवर्तित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग (health department) के सहयोग से चल रहे इस निजी अस्पताल (private hospital) में कोरोना मरीजों का निःशुल्क इलाज किया जाता है। श्री ओम चिकित्सालय में मरीजों को अच्छा माहौल देने के साथ ही यहां इलाज में एलोपैथी (allopathy) के अलावा आयुर्वेदिक काढ़ा और म्यूजिक थेरेपी भी दी जाती है, जिससे मरीज जल्द ठीक होते हैं और अस्पताल की तारीफ करने से नहीं चूकते हैं ।

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इस कोविड अस्पताल को शुरू हुए 38 दिन हो गए हैं और अभी तक 240 मरीज यहां भर्ती हुए हैं जिनमें 38 मरीज ठीक होकर अपने घर चले गए। ठीक होने के बाद मरीजों का स्टाफ और चिकित्सकों के द्वारा उत्साहवर्धन तालियां बजाकर किया जाता है और उनको विदा किया जाता है । साथ ही उन्हें एक पौधा भी भेंट किया जाता है जिससे वह अपने घर जाकर लगाते हैं ।अब श्री ओम चिकित्सालय ने एक नई शुरुआत की है जो मरीजों के लिए काफी यादगार होगी । ठीक होने वाले मरीज निजी अस्पताल के परिसर में स्थित हर्बल गार्डन में पौधारोपण करेंगे जिससे उन्हें उनके लिए यह यादगार पल रहेगा । पहले दिन 5 मरीजों ने हर्बल गार्डन में लक्ष्मी तरु के 5 पौधे रोपित किए अब इन पौधों की देखभाल अस्पताल का स्टाफ करेगा।

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मरीज पौधारोपण के लिए इसलिए उत्साहित हैं कि कोरोना में जिस तरह ऑक्सीजन को लेकर मरीज परेशान होते हैं और कई मरीजों की मौत भी ऑक्सीजन लेवल कम होने के कारण होती है इसलिए उन्हें ऑक्सीजन का महत्व समझ में आने लगा है ।मरीजों का कहना है कि प्राकृतिक चीजों से ऑक्सीजन मिलती है इसलिए हमें प्रकृति का सहयोग करना है और वृक्षारोपण करना है । डॉक्टर भी कहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा पौधे लगेंगे तो हमारे पर्यावरण में सुधार आएगा और इसका असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ेगा।