भिंड, गणेश भारद्वाज। भिंड (Bhind) में जिला पुलिस (police) ने कड़ी मशक्कत के बाद एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग (international cyber thugs) गिरोह का पर्दाफाश किया है। जिसमें एक नाइजीरियाई नागरिक सहित कुल 5 लोगों को गिरफ्तार करने में पुलिस ने सफलता हासिल की है। नाइजीरियाई नागरिक जॉन जुलिओस चार साल से भारत में स्टूडेंट वीजा पर रह रहा था। पकड़े गए आरोपियों से आईफोन ( iPhone) सहित 18 मोबाइल फोन, 33 सिम कार्ड, विभिन्न बैंक्स के 28 एटीएम कार्ड, 14 ब्लेंक चैक, लैपटॉप, राऊटर, हार्ड डिस्क, वाई फाई डोंगल, कैश सहित काफी सामग्री बरामद हुई है। आरोपियों ने मेट्रीमोनियल साइट जीवनसाथी डॉट कॉम से लड़की से दोस्ती कर लगभग 5 लाख की ठगी को दिया अंजाम दिया था। फिलहाल नेपाल के रहने वाले एक आरोपी को पकड़ने की कोशिश में पुलिस जुटी हुई है।

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यह है मामला
दरअसल भिंड शहर की रहने वाली एक लड़की ने जीवनसाथी डॉट कॉम पर अपनी शादी की प्रोफाइल अपडेट की थी। उसकी प्रोफाइल देख कर किसी हिमांशु नाम के लड़के ने उसे कॉल करना शुरू किया और उससे दोस्ती बढ़ाई। वह अपने आपको डॉक्टर बताता था और विदेश में पदस्थ बताता था। इसी दौरान लॉकडाउन में लड़की के पास एक कॉल आई जिसमें एयरपोर्ट की कस्टम अधिकारी बन कर एक लड़की ने कॉल किया और बताया कि हिमांशु को एयरपोर्ट पर डिटेन कर लिया गया है। उसके पास इंडियन करेंसी नहीं है उसे छोड़ने के एवज में कस्टम क्लीयरेंस के रुपए जमा करने होंगे। इसके बाद उसने हिमांशु से इस लड़की की बात कराई तो लड़का फोन पर रोने का नाटक करने लगा और कहा कि वह पैसे भिजवा दे। जिससे वह कस्टम से निकल सके। बाहर आकर वह शाम तक उसके पैसे वापस कर देगा। लड़की भी उसके झांसे में आ गई और उसने अपने पेरेंट्स को बिना बताए दोस्तों से उधार लेकर रुपए भेज दिए। लेकिन ठगों की डिमांड लगातार बढ़ती रही और किसी ना किसी बहाने से वह पैसे मांगते रहे। जब डिमांड ज्यादा बढ़ गई तो लड़की ने अपने दोस्त को सारा मामला बताया। जिस पर उसने कहा कि वह साइबर ठगी का शिकार हुई है और इसके बाद लड़की पुलिस के पास पहुंची।

युवती का कहना है कि फ्रॉड करने वालों द्वारा उसको आरबीआई से फेक ईमेल भी भेजा गया था। जो कि हूबहू असली लगा और इसी पर भरोसा करके उसने ठगों को 4 लाख 95 हजार रुपये अलग-अलग समय पर भेज दिए। जब मामला पुलिस के पास पहुंचा तो पुलिस के लिए भी इस ठगी को पकड़ना बेहद चुनौतीपूर्ण था। लेकिन भिंड पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने इसको चुनौती के रूप में लिया और फिर उन्होंने एडिशनल एसपी कमलेश कुमार खरपुसे की देखरेख में एवं डीएसपी मोती लाल कुशवाहा के नेतृत्व में टीम बनाकर साइबर ठगों को पकड़ने का जिम्मा सौंपा। उन्होंने भी बड़ी मुस्तैदी से काम करते हुए एक नाइजीरियाई जॉन इलिओस सहित कुल 5 लोगों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। जॉन इलिओस नाइजीरियाई नागरिक है, जबकि बाकी के चार लोग उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं। जो भोले-भाले ग्रामीणों से उनके बैंक खाते लेकर फ्रॉड के रुपये मंगाने में इस्तेमाल करते थे। इसके एवज में उन्हें ठगी का 10 से 15 प्रतिशत हिस्सा मिलता था। पकड़े गए नाइजीरियाई युवक का कहना है कि वह एक नेपाली युवक करण जंग शाही के लिए काम कर रहा था। उसने अंग्रेजी में बताया कि वह पिछले 4 साल से भारत में रह रहा था और छात्र के रूप में रहे भारत आया था। पुलिस मामले की और गहनता से जांच में जुटी हुई है।

जीवनसाथी का विज्ञापन करते धोनी को देखा तो साइट पर विश्वास कर गई युवती
Jeevansathi.com के माध्यम से साइबर ठगी का शिकार हुई युवती से जब मीडिया ने पूछताछ की तो उसने बताया कि jeevansathi.com का विज्ञापन देश के जाने-माने क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी करते हैं। इसीलिए इस साइट पर मैं भरोसा कर बैठी। ठगी करने वाले गिरोह ने न केवल ठगी की है बल्कि हम भारतीयों की मानवीय संवेदना के साथ भी खिलवाड़ करने का काम किया है। मैं चाहती हूं कि ऐसा फ्रॉड करने वाले लोगों के खिलाफ सरकार कठोर से कठोर कार्रवाई करें।

टीम की मेहनत की जितनी तारीफ की जाए उतनी कम – पुलिस अधीक्षक
डीएसपी हेडक्वार्टर मोतीलाल कुशवाहा के कुशल निर्देशन में लगातार 15 दिनों तक देश के 5 राज्यों में खोज करने के उपरांत पुलिस टीम ने जिस प्रकार से अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का खुलासा किया है वह तारीफ ए काबिल है। आईजी चंबल मनोज शर्मा के द्वारा भी इस टीम को पुरस्कृत करने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि जिस प्रकार से भिंड की इस युवती ने पुलिस का सहयोग करके अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करवाया है। ऐसे ही देश की अन्य युवतियों को भी आगे आकर पुलिस की मदद करनी चाहिए। जिससे हमारा समाज सुरक्षित रह सके।

भिंड पुलिस की साइबर ब्रांड एंबेसडर बन सकती है शिकायतकर्ता युवती
अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करवाने में अपनी अहम भूमिका निभाने वाली शिकायतकर्ता युवती को भिंड पुलिस साइबर क्राइम खुलासा की ब्रांड एंबेस्डर बना सकती है। इस बात की जानकारी पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने एमपी ब्रेकिंग को दी।

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