रेत उत्खनन: अवैध खनन के लिए नदी में डली थी पनडुब्बियां, पुलिस की छापामार कार्रवाई

अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस प्रशासन और खनिज विभाग की यह कार्रवाई केवल कुछ खदानों तक ही सीमित रहती है या सिंध नदी की हर खदान तक पनडुब्बी या जप्त करने के लिए यह टीम पहुंच पाएगी।

अवैध खनन

भिण्ड, गणेश भारद्वाज। पनडुब्बी यानि कि वो अवैध मशीन जिससे नदियों की तलहटी से अवैध रूप से नियमों को ताक पर रखकर रेत निकाला जाता है। ऐसी पनडुब्बियां भिण्ड जिले से गुजरने वाली सिंध नदी के तकरीबन 50 से 60 किलोमीटर क्षेत्र में दो सैकड़ा से अधिक डली हुई है। इनसे नदी की तलहटी से जबरन अवैध रूप से नियम विरुद्ध तरीके से रेत का उत्खनन किया जाता है। पुलिस प्रशासन और खनिज विभाग के द्वारा समय-समय पर नदी के खनन क्षेत्र में दबिश देकर इन पनडुब्बियों को जप्त किया जाता है और फिर उन्हें वही आग के हवाले कर दिया जाता था।

जिसके फोटो समय-समय पर अखबारों में या वीडियो टेलीविजन चैनल पर चलते हुए दिखाए जाते थे। ऐसी ही कार्रवाई आज भिंड पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह के निर्देशन में डीएसपी हेड क्वार्टर मोती लाल कुशवाहा के नेतृत्व में उमरी पुलिस ने की। कार्यवाही के दौरान खैरा श्यामपुरा खदान से इस प्रकार अवैध रूप से चल रही छह पनडुब्बियों को जप्त किया गया और फिर इसके अलावा पास की ही अतरसुमा खदान से भी दो पनडुब्बियों ज़ब्त की गई।

लेकिन इस बार इन पनडुब्बियों में आग नहीं लगाते हुए इन्हें नदी से लाकर थाना परिसर में रखा गया है। जिससे कि इनका दोबारा से इस्तेमाल ना हो सके और इनके राजसात की कार्रवाई भी खनिज विभाग के द्वारा आसानी से की जा सके। सिंध नदी में पनडुब्बी दतिया जिले में और फिर भिंड की मेहगांव, लहार व भिंड तहसील में लंबे समय से चलती चली आ रही है। अगर सूत्रों की माने तो यह सभी पनडुब्बियां खादी और खाकी के संरक्षण में नदी में चलाई जाती हैं और इससे प्राप्त होने वाली आय का बंदरबांट विधिवत किया जाता है।

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रेत उत्खनन कंपनी पावर मेक करवाती है अवैध उत्खनन!

वर्तमान में जिले में तैनात रेत उत्खनन कंपनी पावर मैक, जिसे जिले में सिंध नदी से रेत के उत्खनन करने का जिम्मा दिया गया है। इस कंपनी के कारिन्दे जिले के स्थानीय के लोगों (जिन्हें रेत माफिया भी कहा जा सकता है) से नदी में पनडुब्बी डालकर अवैध रेत खनन करवाया जाता है। इस रेत को कंपनी 2 से 5 घन मीटर के हिसाब से इन माफियाओं से खरीदती है और फिर 600 रुपए घन मीटर में रेत कारोबारियों को बेचती है। रेत के इस खेल में न केवल यह दबंग रेत माफिया बल्कि इनके संरक्षण दाता सफेदपोश सत्ता किंग नेतागण और संबंधित थाना क्षेत्र से जुड़े खाकी धारी भी शामिल रहते हैं।

आज भी कार्रवाई के बाद जब हमने जिला पुलिस कप्तान मनोज कुमार सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि हमें लंबे समय से बार-बार शिकायत मिल रही थी कि सिंध नदी में पनडुब्बियों के माध्यम से रेत अवैध रूप से निकाला जा रहा है जिस पर आज हमने यह कार्रवाई की है और आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी। अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस प्रशासन और खनिज विभाग की यह कार्रवाई केवल कुछ खदानों तक ही सीमित रहती है या सिंध नदी की हर खदान तक पनडुब्बी या जप्त करने के लिए यह टीम पहुंच पाएगी।

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