Hindi News

दमदार पुलिस का दुम दार मीम्स बना चर्चा का बिषय

Written by:Amit Sengar
Published:

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। डिजिटल युग में मीम्स हंसाने के साथ-साथ जागरूकता फैलाने के लिए भी इस्तेमाल किये जाते हैं लेकिन अभी सोशल मीडिया पर पुलिस का एक मीम्स वायरल हो रहा है इस मीम्स में पुलिस की तुलना दुम वाले जानवर से की जा रही है क्योंकि पुलिस को अपने स्वास्थ्य के लिए समय नहीं मिल पाता है जिससे उनका पेट बाहर निकल आता है जो अभी चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि पुलिस महकमे में तेजी से अस्वस्थ पुलिसकर्मियों की संख्या में इजाफा हो रहा है यही नहीं कई पुलिस अधिकारियों को मधुमेह व ब्लड प्रेशर भी है इनमें आरक्षक से लेकर एसआई, एएसआई व अन्य पुलिस अधिकारी शामिल हैं।

यह भी पढ़े…किसानों के लिए बड़ी खबर, PM फसल बीमा के 7,600 करोड़ रुपये CM शिवराज करेंगे ट्रांसफर

हम आपको बता दें की ट्विटर पर डीसीपी भोपाल जोन-1 नाम के अकाउंट से एक फोटो वायरल हो रहा है जिसमें दो पिक्चर दिखाई दे रही है पहली इमेज में दमदार पुलिस का दुम दार दिख रहा है दूसरी इमेज में दुम गायब और तोंद दिखाई पढ़ रही है जबकि सन्देश में लिखा है “कठिन कार्यक्रम, कठिन काम।” हमें एक संस्था के रूप में और व्यक्तिगत स्तर पर अपने स्वास्थ्य पर विचार करना चाहिए। यह मीम्स निश्चित रूप से आपके दिन को कम से कम हल्का कर देगा।

यह भी पढ़े…केंद्र सरकार का MP को तोहफा, नए सैनिक स्कूल के लिए 100 करोड़ रुपये की राशि मंजूर

दरअसल, इस मीम्स में पुलिस की वह तस्वीर दिखाई जा रही है जिसमे पुलिस भर्ती के समय मजबूत और दमदार दिखाई देते है लेकिन पुलिस में नौकरी करते हुए न वह अपने घर परिवार व अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दे पाते है बताया जा रहा है की पुलिसकर्मियों का स्वास्थ्य परीक्षण हर तीन माह में किया जाता है लेकिन इस बार स्वास्थ्य की जांच नहीं की गई है वहीं कोरोना काल में पुलिसकर्मियों की मौत हो गई है इसके बाद भी विभाग के अफसर-कर्मी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नहीं हो रहे हैं।

यह भी पढ़े…श्रीनगर : बांदीपोरा में सुरक्षाबलों पर हुआ आतंकी हमला, पांच जवान घायल

यह है कारण
कार्य की अधिकता और तनाव।
नशे की लत। शराब का सेवन करने वालों की अधिकता।
समय पर इलाज नहीं करवाना।
सेहत का ध्यान नहीं रखना।
स्वास्थ शिविर में जांच नहीं कराना।

Amit Sengar
लेखक के बारे में
मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।” View all posts by Amit Sengar
Follow Us :GoogleNews