उपचुनाव : उच्च न्यायालय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी भाजपा – सीएम शिवराज सिंह चौहान

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि "बिहार में हर दिन राजनीतिक रैलियां की जा रही हैं, तो मध्यप्रदेश में क्यों नहीं हो सकती, देश में इस तरह के विरोधाभासी कानून नहीं हो सकते।"

shivraj singh chouhaan

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। कोरोना काल (corona period) के दौरान मध्यप्रदेश में 28 सीटों (mp byelection 2020) पर उपचुनाव होना है। उपचुनाव (byelection) के लिए दोनों की राजनैतिक पार्टी (political parties) अपने प्रयाशी के प्रचार-प्रसार के लिए ऐड़ी-चोटी का दम लगा रहे है।

इसी बीच बुधवार को मध्यप्रदेश हाई कोर्ट (madhya pradesh high court) की ग्वालियर बैंच (gwalior bench) ने सिर्फ 9 जिले में रैली करने की अनुमति दी है, जिसको लेकर आज मध्यप्रदेश (madhya pradesh) के सीएम शिवराज सिंह चौहान  (CM Shivraj singh chouhan) ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी(Bharatiya Janata Party) राज्य के उच्च न्यायालय के राजनीतिक रैलियों को प्रतिबंधित करने के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) का दरवाजा खटखटाएगी। मध्यप्रदेश की ग्वालियर हाई कोर्ट बैंच ने ये आदेश 3 नवंबर को राज्य की 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के पारित किया था।

कोर्ट के आदेश को लेकर मीडिया (media) से बात करते हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) ने कहा कि “बिहार (bihar) में हर दिन राजनीतिक रैलियां की जा रही हैं, तो मध्यप्रदेश में क्यों नहीं हो सकती” “देश में इस तरह के विरोधाभासी कानून नहीं हो सकते।” आगे सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मेरी आज शाडोरा और भांडेर में सभाएं थी पर हमने उच्च न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हुए अपनी सभाओं को निरस्त कर दिया। लेकिन हम इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।

ग्वालियर हाई कोर्ट बैंच (gwalior high court bench) द्वारा आदेश में कहा गया कि यदि जिला मजिस्ट्रेट (district magistrate) किसी शारीरिक रैली (phyisical rally) की अनुमति देता है, तो उसे लिखित रूप से भारतीय चुनाव आयोग (election commission of india) द्वारा अनुमोदित करने की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, इस आदेश में राजनीतिक दल या उम्मीदवार को रैली में भाग लेने के लिए निर्देशित किया कि वे “समारोह में भाग लेने वालों की सुरक्षा के लिए आवश्यक मास्क और सैनिटाइटरों की संख्या दोगुना करने के लिए पर्याप्त” का इंतजाम करे।

वहीं उच्च न्यायालय ने जिला प्रशासन को अपनी रैलियों के दौरान कोरोनोवायरस प्रोटोकॉल को कथित रूप से विफल करने के लिए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और कांग्रेस नेता कमलनाथ के खिलाफ पहली रिपोर्ट दर्ज करने के लिए कहा है।

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर पीठ ने अपने अधिकार क्षेत्र के तहत नौ जिलों को आदेश दिया कि वे आभासी रैलियों (Virtual rally) के संभव न होने पर ही सार्वजनिक रैलियों के लिए अनुमति दें। जिलों में ग्वालियर, गुना, मुरैना, भिंड, अशोक नगर, दतिया, शिवपुरी, श्योपुर और विदिशा शामिल हैं।

बता दें कि यह आदेश ग्वालियर के अधिवक्ता आशीष प्रताप सिंह द्वारा दायर याचिका पर पारित किया गया था, जिन्होंने उप-चुनावों से पहले पार्टी नेताओं द्वारा कोविद -19 सुरक्षा दिशानिर्देशों के उल्लंघन की शिकायत की थी।

 

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