पोस्टरों पर सख्त चुनाव आयोग, प्रकाशकों का पर्चों पर नाम-पता जरुरी, पालन न करने पर होगी 6 माह की जेल और दो हज़ार रुपए जुर्माना

Shashank Baranwal
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MP Election 2023

MP Election 2023: भारतीय चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की तारीखों के एलान के बाद मध्य प्रदेश में आचार संहिता लागू कर दी गई है। आचार संहिता के मद्देनजर भोपाल में मंगलवार को एडीएम प्रकाश सिंह चौहान, उप जिला निर्वाचन अधिकारी रविशंकर राय की अध्यक्षता में प्रकाशकों और मुद्रकों की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127 (क) और चुनाव आयोग द्वारा तय किए गए नियमों और शर्तों की जानकारी दी गई। जिसका पालन करना मुद्रकों और प्रकाशकों के लिए जरुरी है। यदि इन नियमों का उल्लंघन किया जाएगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिसमें 2 हजार रुपये का जुर्माना, 6 महीने जेल की सजा या दोनों का प्रावधान है।

बैठक में इन नियमों की दी गई जानकारी

  • चुनाव के दौरान होर्डिंग, पोस्टर, पर्चे आदि प्रचार सामाग्री पर मुद्रक और प्रकाशक का नाम, पता, प्रसारित की जाने वाली सामग्री की संख्या आदि का उल्लेख हो।
  • प्रकाशित सामग्री की प्रतियां जिला निर्वाचन कार्यालय और व्यय लेखा शाखा में जमा करना जरूरी होगा। साथ ही प्रकाशन के खर्चे का लेखा उम्मीदवारों के खर्चे के विवरण में जोड़ा जाएगा।
  • आचार संहिता का उल्लंघन करने वाली किसी भी सामग्री को प्रकाशक और मुद्रक द्वारा प्रकाशित नहीं की जानी चाहिए।
  • सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने, धार्मिक भावनाओं को भड़काने और समाज में द्वेष फैलाने वाली किसी भी सामग्री को प्रकाशित नहीं करना है।
  • साथ ही निर्धारित प्रारुपों की जानकारी जिला निर्वाचन कार्यालय में दिए जाने की बात कही गई है।

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पत्रकारिता उन चुनिंदा पेशों में से है जो समाज को सार्थक रूप देने में सक्षम है। पत्रकार जितना ज्यादा अपने काम के प्रति ईमानदार होगा पत्रकारिता उतनी ही ज्यादा प्रखर और प्रभावकारी होगी। पत्रकारिता एक ऐसा क्षेत्र है जिसके जरिये हम मज़लूमों, शोषितों या वो लोग जो हाशिये पर है उनकी आवाज आसानी से उठा सकते हैं। पत्रकार समाज मे उतनी ही अहम भूमिका निभाता है जितना एक साहित्यकार, समाज विचारक। ये तीनों ही पुराने पूर्वाग्रह को तोड़ते हैं और अवचेतन समाज में चेतना जागृत करने का काम करते हैं। मशहूर शायर अकबर इलाहाबादी ने अपने इस शेर में बहुत सही तरीके से पत्रकारिता की भूमिका की बात कही है– खींचो न कमानों को न तलवार निकालो जब तोप मुक़ाबिल हो तो अख़बार निकालो मैं भी एक कलम का सिपाही हूँ और पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूँ। मुझे साहित्य में भी रुचि है । मैं एक समतामूलक समाज बनाने के लिये तत्पर हूँ।

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