IPS को अमेजॉन मामले को अंजाम तक पहुंचाने की फिर मिली जिम्मेदारी

2 दिसंबर को एसपी मनोज कुमार सिह का तबादला हो गया और यह प्रचार करने की कोशिश की गई कि अमेजॉन के दबाव में यह तबादला हुआ है। लेकिन अब डीजीपी के एक आदेश ने उन तमाम कयासों को सिरे से नकार दिया है।

भोपाल डेस्क रिपोर्ट। हाल ही में भिंड के एसपी पद से स्थानांतरित किए गए आईपीएस अधिकारी मनोज कुमार सिंह भिंड में पकड़े गए गांजा तस्करी मामले का पर्यवेक्षण करेंगे। इस मामले में पुलिस मुख्यालय से आदेश जारी कर दिए गए हैं। मामले मे अमेजॉन कंपनी का नाम भी सामने आया है।

IPS को अमेजॉन मामले को अंजाम तक पहुंचाने की फिर मिली जिम्मेदारी

2 दिसंबर को राज्य शासन द्वारा भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों की तबादला सूची में भिंड के एसपी मनोज कुमार सिंह का भी नाम था। उन्हें पीएचक्यू स्थानांतरित करते हुए उनके स्थान पर शैलेंद्र कुमार चौहान को भिंड का नया एसपी बनाया गया। उस समय मनोज कुमार सिंह के स्थानांतरण को उनके द्वारा कुछ समय पहले पकड़े गए गांजा तस्करी के मामले से जोड़ने की कोशिश की गई और कांग्रेस ने इसे लेकर राज्य सरकार पर हमला भी बोला। दरअसल 13 नवम्बर 2021 को भिंड के गोहद चौराहा पर भिंड पुलिस ने गांजे की तस्करी करने वाले दो लोगों को पकड़ा था और तब इस बात का खुलासा हुआ था कि यह लोग गांजे की तस्करी के लिए अमेजॉन के प्लेटफार्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस मामले में अमेजॉन के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात भी हुई और खुद प्रदेश के गृहमंत्री ने भी इस मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

21 नवम्बर 2021 को भिंड पुलिस ने अमेजॉन कंपनी के डायरेक्टर पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया था। इन पर ऑनलाइन गान्जा बेचने का आरोप लगाया गया था। 2 दिसंबर को एसपी मनोज कुमार सिह का तबादला हो गया और यह प्रचार करने की कोशिश की गई कि अमेजॉन के दबाव में यह तबादला हुआ है। लेकिन अब डीजीपी के एक आदेश ने उन तमाम कयासों को सिरे से नकार दिया है। आदेश में इस मामले का पर्यवेक्षण पूरी तरह से मनोज कुमार सिंह को सौंपा गया है और उनके अधीनस्थ टीम के नाम भी आदेश में दिए गए हैं। यानि अमेज़न मामले को अंजाम तक पहुंचाने की जिम्मेदारी अब उसी अधिकारी को है जिसने इसका खुलासा किया था।