जैसा बुजुर्गों का हुक्म होगा, उसे पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी : अकील

भोपाल। इज्तिमागाह की जगह में तब्दीली करने की चर्चाओं और इसके लिए प्रशासन की तैयारियों को लेकर आरिफ अकील ने कहा है कि आलमी तब्लीगी इज्तिमा भोपाल ही नहीं, पूरे प्रदेश और सारे देश का गौरव है। यहां आने वाले जमातियों की खिदमत करने के जज्बे के साथ हम सभी काम करते आए हैं और आगे भी करते रहेंगे। यह हमारी खुशनसीबी है कि सारी दुनिया से आए उलेमाओं की कुरबत और उनकी खिदमत का मौका हमें मिलता है। उन्होंने कहा कि बुुजुर्ग उलेमाओं की ख्वाहिशों और उनके दिए गए हुक्मों को पूरा करना हमारा फर्ज भी है और खुशी का मुकाम भी। इसी नीयत से हम उलेमाओं के दिए हुए निर्देशों का पालन करने में जुटे हुए हैं। आरिफ अकील ने इज्तिमागाह की जगह बदले जाने की चर्चाओं का खंडन करते हुए कहा कि यह एक प्रस्ताव था, जिस पर उलेमाओं ने अपनी नामंजूरी की मोहर लगा दी, जिसके बाद यह किस्सा खत्म हो गया। इस बारे में ज्यादा बात करने के अब कोई मायने बाकी नहीं रहते। उलेमाओं की ख्वाहिशों और उनके दिए हुए हुक्मों को पूरा करने के लिए पूरी सरकार और हम अपने तौर पर पूरी तरह लगे हुए हैं, इसमें कोई कसर बाकी नहीं रखी जाएगी। अकील ने कहा कि इस बारे में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जो बात कह चुके हैं, वही अंतिम है। उन्होंने कहा कि इज्तिमा एक मजहबी और अकीदत का स्थान है, इसे सियासत से दूर रखा जाए तो बेहतर होगा। उन्होंने आलमी तब्लीगी इज्तिमा अपने पूर्ववत स्थान ईंटखेड़ी में होते रहने की बात को दोहराया है। अकील ने आलमी तब्लीगी इज्तिमा में की गईं बेहतर व्यवस्थाओं की तारीफ करते हुए इस आयोजन को अब तक का सबसे श्रेष्ठ इज्तिमा होने का दावा किया है।