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विष्णु नागर को जनकवि मुकुट बिहारी सरोज सम्मान 2020

Written by:Gaurav Sharma
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भोपाल| जनकवि मुकुट बिहारी सरोज सम्मान 2020 से हिंदी के वरिष्ठ साहित्यकार, कवि, कहानीकार, व्यंगकार, सम्पादक, पत्रकार विष्णु नागर (नई दिल्ली) (Vishnu Nagar) को अभिनंदित किया जाएगा। वरिष्ठ साहित्यकारों की जूरी से परामर्श के बाद लिए गए इस निर्णय की जानकारी सरोज स्मृति न्यास  सचिव सुश्री मान्यता सरोज  ने दी।

न्यास की विज्ञप्ति के अनुसार हमारे समय के जागरूक, जन और लोकतांत्रिक समाज के प्रति समर्पित, बेधड़क रचनाकार  विष्णु नागर  रचनाधर्मिता के ऐसे  शलाका व्यक्तित्व हैं जिन्होंने हर विधा में अपनी खुद की शैली, भाषा, वर्तनी और बुनावट गढ़ी और साहित्य को सार और रूप दोनों तरह  समृध्द किया।

शाजापुर (मध्यप्रदेश) में जन्मे विष्णु नागर  की आरम्भिक शिक्षा दीक्षा यही हुयी।   1971 से उन्होंने दिल्ली में रहकर स्वतन्त्र पत्रकारिता आरंभ की । ‘नवभारत टाइप्स’ में पहले मुम्बई तत्पश्चात् दिल्ली में विशेष संवाददाता सहित विभिन्न पदों पर रहे।

विष्णु नागर ने  जर्मन रेडियो, ‘डोयचे वैले’ की हिंदी सेवा का 1982-1984 तक संपादन किया। वे  ‘हिंदुस्तान’ दैनिक के विशेष संवादाता रहे।  2003 से 2008 तक हिंदुस्तान टाइम्स की लोकप्रिय पत्रिका ‘कादंबिनी’ के कार्यकारी संपादक रहे। वे दैनिक ‘नई दुनिया’ से भी जुड़े रहे। दिल्ली से प्रकाशित साप्ताहिक शुक्रवार का सम्पादन भी उन्होंने किया।

उनकी प्रकाशित पुस्तकों में  मैं फिर कहता हूँ चिड़िया, तालाब में डूबी छह लड़कियाँ, संसार बदल जाएगा, बच्चे, पिता और माँ, हंसने की तरह रोना, कुछ चीजें कभी खोई नहीं, कवि ने कहा,  कविता संग्रह  आज का दिन, आदमी की मुश्किल, आह्यान, कुछ दूर, ईश्वर की कहानियाँ, बच्चा और गेंद कहानी संग्रह-तथा आदमी स्वर्ग में नामक उपन्यास शामिल हैं।

उनके निबंध संग्रह-
हमें देखती आँखें, यर्थाथ की माया, आज और अभी, आदमी और समाज आलोचना संग्रह- कविता के साथ-साथ  आदि शीर्षक से प्रकाशित हुए हैं।

जनकवि मुकुट  बिहारी सरोज  स्मृति सम्मान प्रति वर्ष 26 जुलाई को ग्वालियर में एक भव्य समारोह में दिया जाता है।  अभी तक इससे अभी तक इससे सीताकिशोर खरे (सेंवढ़ा), निर्मला पुतुल (दुमका झारखण्ड), निदा फ़ाज़ली (मुम्बई), कृष्ण बक्षी (गंज बासौदा), अदम गौंडवी (गोंडा), उदय प्रताप सिंह (दिल्ली-मैनपुरी), नरेश सक्सेना (लख़नऊ), राजेश जोशी (भोपाल), डॉ. सविता सिंह (दिल्ली), राम अधीर (भोपाल), प्रकाश दीक्षित (ग्वालियर), कात्यायनी (लख़नऊ), महेश कटारे ‘सुगम’ (बीना), शुभा तथा मनमोहन (रोहतक) एवं मालिनी गौतम (गुजरात) को अभिनंदित किया जा चुका है। जनकवि मुकुट बिहारी सरोज स्मृति न्यास ने इस सम्मान को स्वीकारने के लिए  विष्णु नागर के प्रति आभार व्यक्त किया है।

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma
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