ऑफलाइन होगी 10वीं और 12वीं की परीक्षा, स्कूल खुलने पर विचार बाद में

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डेस्क रिपोर्ट, भोपाल। सरकार की पहली प्राथमिकता 10वीं और 12वीं की परीक्षा कराना है। इसके बाद ही छोटे बच्चों के स्कूल खोलने पर विचार होगा। 10-12 की परीक्षाएं ऑफलाइन होंगी और इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां की जा रही है। ये बात शिक्षा मंत्री  इंदर सिंह परमार ने कही। उन्होने कहा कि मई में परीक्षा खत्म होने के बाद कोरोना संक्रमण को लेकर समीक्षा होगी। इसके बाद ही स्कूल को खोलने का या बंद रखने का निर्णय लिया जाएगा।

प्रदेश में एक बार फिर कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं। राजधानी भोपाल और इंदौर में इसका सबसे अधिक प्रभाव है। ऐसे में हर सप्ताह समीक्षा कर रहे हैं। उसी के आधार पर बड़ी क्लास को खोले जाने का निर्णय किया जाएगा। लेकिन, छोटे बच्चों की क्लास को अभी नहीं खोला जाएगा।

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मंत्री परमार ने कहा कि अभी तो परीक्षा आयोजित कराना हमारी पहली प्राथमिकता है। सरकारी और निजी दोनों ही स्कूल के लिए गाइडलाइन जारी है। जहां तक 10वीं और 12वीं क्लास की परीक्षा का सवाल है, तो वे ऑफलाइन ही कराई जाएंगी। उन्होंने आगे कहा कि यह बच्चों के भविष्य का सवाल है। हालांकि निजी स्कूलों को एग्जाम और अन्य क्लास की परीक्षा को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से कराने की छूट दी है। वे अपनी सुविधा और गाइडलाइन का पालन करने हुए निर्णय ले सकते हैं। परीक्षा संपन्न होने के बाद ही नया सत्र प्रारंभ करने पर विचार किया जाएगा।

निजी स्कूलों को बताना होगा फीस बढ़ाने का कारण-मंत्री

मंत्री परमार ने कहा कि अभी तक निजी स्कलों पर अंकुश लगाने के लिए कोई दिशा-निर्देश या कानून नहीं था। अब नए प्रावधान के अनुसार स्कूल मनमानी फीस नहीं ले सकेंगे। अगर कोई स्कूल फीस बढ़ाना चाहता है, तो उसे पहले प्रशासन से इस बात की अनुमति लेना होगा और फीस बढ़ाने का कारण बताना होगा। बात करें कोर्स की तो इस पर सरकार फैसला ले रही है।