बड़वानी पुलिस पिटाई कांड में दो सस्पेंड, जांच के आदेश, CM बोले-‘सिखों से ऐसी बर्बरता बर्दाश्त नहीं’

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट
बड़वानी (Barwani) में पुलिस (Police) की बर्बरता का वीडियो वायरल होने के बाद मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है| सिख युवकों से पिटाई मामले में दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है| मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने ट्वीट कर कहा है कि सिखों के साथ ऐसी बर्बरता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी|

सीएम शिवराज ने ट्वीट कर लिखा- ‘बड़वानी में ASI सीताराम भटनागर और HC मोहन जामरे को सिख बन्धुओं के साथ किये गए अमानवीय व्यवहार के लिए तुरंत निलंबित किया गया है। सिखों के साथ ऐसी बर्बरता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की जाँच इंदौर आईजी द्वारा की जाएगी और इनके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी’। ‘बड़वानी जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना से मेरा हृदय द्रवित है! ऐसी बर्बरता और अराजकता मैं किसी भी हाल में सहन नहीं करूंगा। दोषियों को उनके कुकर्मों की सज़ा अवश्य मिलेगी’।

यह है मामला
बड़वानी में शुक्रवार को बड़वानी (Barwani) के पलसूद में सरेआम पुलिस (Police) द्वारा एक दुकानदार की बर्बरता से पिटाई की गई| कांग्रेस ने इस मामले में सरकार को घेरा है| बड़वानी एसपी निमिष अग्रवाल ने बताया कि युवक से चैकिंग के दौरान लाइसेंस मांगा गया लेकिन युवक ने लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किया। युवक को थाने ले जाते समय हंगामे की स्थिति निर्मित हो गई। इस मामले मे जांच के आदेश दिए गये हैं। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं मुख्यमंत्री ने बड़वानी में युवक से मारपीट की घटना में दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मामले में दो पुलिसकर्मियों को संस्पेंड कर जांच के आदेश दिए गए हैं। इंदौर आईजी विवेक शर्मा मामले की जांच करेंगे।

कमलनाथ ने सरकार को घेरा, कार्रवाई की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) ने ट्वीट कर पीड़ित व्यक्ति को न्याय दिलाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है| उन्होंने लिखा ‘मध्य प्रदेश के बड़वानी के पलसूद में प्रेम सिंह ग्रंथी जो की वर्षों से पुलिस चौकी के पास एक छोटी सी दुकान लगाकर अपना जीवन यापन करते आ रहे है। उनको वहाँ की पुलिस ने अमानवीय तरीक़े से पिटा , उनकी पगड़ी उतार दी , बाल पकड़ कर बुरी तरह से सड़क पर उनकी पिटाई की। यह अत्याचार व गुंडागर्दी होकर सिख धर्म की पवित्र धार्मिक परंपराओं का अपमान भी है।
ऐसी घटनाएँ बर्दाश्त नहीं की जा सकती है।मैं सरकार से माँग करता हुँ कि तत्काल दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो। पीड़ित व्यक्ति को न्याय मिले।