MP: 23000 रोजगार सहायकों ने खोला मोर्चा, सरकार को दी ये चेतावनी, जानें क्या है प्रमुख मांगे

रोजगार सहायकों की वेतन वृद्धि 2017 से नहीं की गई है, इंक्रीमेंट लगाएं।

रोजगार सहायक

भोपाल/जबलपुर, डेस्क रिपोर्ट। MP Employee News. अपनी मांगों को लेकर मध्य प्रदेश के ग्राम पंचायतों में पदस्थ रोजगार सहायकों का आक्रोश बढ़ने लगा है। अब रोजगार सहायकों ने मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार को 3 दिवसीय सामूहिक अवकाश पर जाने का अल्टीमेटम दिया है। यदि 1 हफ्ते में उनकी मांगें पूरी नहीं की गई तो 12-14 मई तक सभी रोजगार सहायक सामूहिक कलमबंद हड़ताल पर रहेंगे।

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रोजगार सहायकों ने जबलपुर कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि वर्षों से लंबित उनकी तीन सूत्रीय मांगों को पूरा किया जाएगा। अगर अगले हफ्ते तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं तो गुरूवार 12 मई से 14 मई तक वो प्रदेशव्यापी सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे।नोटिस में ग्राम रोजगार सहायकों ने दावा किया है कि मध्य प्रदेश के सभी 23,000 ग्राम रोजगार सहायक इस मामले में एकजुट हैं।

रोजगार सहायकों ने अल्टीमेटम दिया है कि अगर छह दिनों में उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं तो प्रदेश के 23 हजार ग्राम रोजगार सहायक 12 मई से तीन दिनों तक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इस दौरान भी बात नहीं बनीं तो वे हाईकोर्ट की शरण में जाने बाध्य होंगे।

रोजगार सहायकों की प्रमुख मांगे-

  •  किसी भी तरह के आरोप में उनकी सेवा-समाप्ति की बजाय निलंबन का नियम बनाया जाए।
  • अकाल मृत्यु पर उसके आश्रितों को आर्थिक सहायता का प्रावधान किया जाए।
  • पंचायत सचिव की भर्ती प्रक्रिया में रोजगार सहायकों को प्राथमिकता दी जाए।
  • रोजगार सहायकों के तबादले की नीति बनाई जाए।
  • रोजगार सहायकों की वेतन वृद्धि 2017 से नहीं की गई है, इंक्रीमेंट लगाएं।
  • जब तक उनकी वेतनवृद्धि नहीं की जाती तब तक उनसे केवल मनरेगा के काम ही करवाए जाएं।
  • समान कार्य समान वेतन की नीति के तहत उन्हें 30,000 रुपये वेतन दिया जाए।