जबलपुर, संदीप कुमार। वित्त मंत्री निर्मला सीमारमण (Nirmala Sitaraman) ने सोमवार को संसद में आम बजट (Budget) 2021-22 पेश किया। कोविड-19 महामारी के बीच पेश बजट (Budget) में उन्‍होंने स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र पर सबसे ज्‍यादा फोकस किया।  हेल्‍थ सेक्‍टर के बजट (Budget) को 135 फीसदी बढ़ा दिया गया है, बुजुर्गों को बड़ी राहत देते हुए उन्‍हें शर्तों के साथ टैक्‍स में छूट दी गई है हालांकि टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ है। बजट (Budget) पर मध्यप्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री तरुण भनोत ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये बेहद साधारण बजट है, आम जनता को इससे कोई राहत नहीं मिली है। ये एक पॉलिटिकल बजट है।

पूर्व वित्त मंत्री तरुण भनोत का कहना कि मोदी सरकार के बजट (Budget) में आम आदमी को निराश किया है, इस बजट में किसानों को घोर निराशा हुई है जबकि किसान लगातार आंदोलन कर MSP की मांग कर रहे थे। उन्हें उम्मीद थी कि सरकार MSP पर कोई फैसला दे सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

तरुण भनोत का कहना है कि बुजुर्गों को टैक्स में राहत देना कोई नई बात नहीं है सवाल ये है कि क्या बुजुर्गों की सेवा करने वाले आम आदमी को युवाओं को कोई राहत मिली है? बजट (Budget) में ऐसा कुछ भी नजर नहीं आया। पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं, महंगाई पर भी नियंत्रण नहीं है

मोदी सरकार पर साधा निशाना

पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार हमेशा चुनावी मोड में रहती है, ये एक चुनावी बजट (Budget) है. जिन राज्यों में चुनाव हैं, वहां बड़ी-बड़ी घोषणाएं की गईं है।  पिछड़े राज्यों को कुछ नहीं मिला है, इसमें आम आदमी को कोई राहत नहीं मिली है।