लापरवाही पर बड़ा एक्शन, 3 सहकारी बैंक कर्मचारी तत्काल प्रभाव से निलंबित, एफआईआर दर्ज

बता दे कि सहकारी बैंक की कृषि शाखा में पहले ही 1 करोड़ 44 लाख के गबन के मामले में कंप्यूटर ऑपरेटर को गिरफ्तार किया जा चुका है।

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छिंदवाड़ा, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) के छिंदवाड़ा (chhindwada) जिले में वित्तीय अनियमितता पाए जाने के बाद पुलिस ने सहकारी बैंक के तीन कर्मचारियों पर मामला (FIR) दर्ज किया है। इसके साथ ही सहकारी बैंक (co-operative bank) के महाप्रबंधक ने तीनों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (suspended) कर दिया है। बताया जा रहा कि कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने के कारण यह कार्रवाई की गई है।

दरअसल मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक कृषि शाखा के वित्तीय मामले में भारी अनियमितता पाई गई है। जिसके बाद पुलिस ने सहकारी बैंक के अधीन कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज किया है। इनमें तीन कर्मचारी विपिन पटेल (प्रभारी लिपिक), जितेंद्र जैन (सहायक समिति सेवक) और आरपी खरोटे (सहायक समिति सेवक) को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए हैं। मामले में बैंक महाप्रबंधक कृष्ण कुमार सोनी (krishna kumar soni)  का कहना है कि कर्मचारियों के नाम से एफआईआर दर्ज होने और उनके कर्तव्य में लगातार लापरवाही देखे जाने के कारण यह कार्रवाई की गई है।

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बैंक महाप्रबंधक का कहना है कि कृषि शाखा में वित्तीय अनियमितता पाई गई थी। जिसमें 3 कर्मचारियों के नाम भी शामिल थे। जिसके बाद पुलिस ने उनपर एफआईआर दर्ज की है। तीनों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। बता दे कि सहकारी बैंक की कृषि शाखा में पहले ही 1 करोड़ 44 लाख के गबन के मामले में कंप्यूटर ऑपरेटर को गिरफ्तार किया जा चुका है। जिसके बाद पुलिस ने ऑपरेटर कृष्ण साहू के अलावा बैंक मैनेजर संदीप सूर्यवंशी पर भी मामला दर्ज किया था।

बताया जा रहा है कि एक करोड़ 44 लाख रुपए के गबन मामले में आरोपियों ने 4 बंद खाते को चिन्हित किए और उसके लिए एटीएम भी जारी कर दिए थे। जिसमें लगातार एक खाते से रोजाना 40 हजार रुपए निकाले गए। जिसके बाद मामले की जानकारी बैंक प्रबंधक तक पहुंची। प्रबंधक ने इस मामले में सबसे पहले बैंक मैनेजर को निलंबित कर दिया है।