ग्वालियर, अतुल सक्सेना। गर्मी के सीजन में सभी शहरवासियों को पर्याप्त व शुद्ध पेयजल मिले, इसके लिए ग्वालियर नगर निगम (Gwalior Municipal Corporation) का अमला अभी से मुस्तैद हो गया है। ग्वालियर नगर निगम (Gwalior Municipal Corporation) के अमले द्वारा जहां अवैध नल कनेक्शन की जांच करने एवं लीकेज नल कनेक्शन को ठीक करने के लिए डोर टू डोर सर्वे किया जा रहा है। ग्वालियर नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा  निर्देश दिए हैं कि सर्वे दल को यदि कहीं पर नल कनेक्शन में लीकेज अथवा बिना टोंटी के नलों से पानी फैलता हुआ पाया गया तो संबंधित उपभोक्ता के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

शहर के नागरिकों को गर्मी के मौसम में पानी के लिए परेशान न होना पड़े इसकी मॉनिटरिंग ग्वालियर नगर निगम शिवम वर्मा (Gwalior Municipal Corporation Commissioner Shivam Varma) द्वारा की जा रही है तथा पानी की लाइनों में होने वाले लीकेज को तत्काल दुरुस्त करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी के साथ ही गंदे पानी की समस्या एवं लीकेज की समस्या के त्वरित निराकरण के लिए कंट्रोल रुम बनाया गया है जहां शहर का कोई भी नागरिक अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायत मिलने पर तुरंत उसका निराकरण करने के निर्देश सभी सहायक यंत्रियों को दिए गए हैं।

इसके साथ ही ग्वालियर नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा (Gwalior Municipal Corporation Commissioner Shivam Varma) के निर्देश पर वास्तविक नल कनेक्शन का सर्वे कराया जा रहा है तथा जहां भी जो नल कनेक्शन अवैध होगा उसे मौके पर ही वैध किया जाएगा और यदि पानी की लाइन का लीकेज आदि कोई समस्या होगी तो उसे संबंधित उपभोक्ता के खर्चे पर तत्काल ठीक कराया जाएगा।

गंदे पानी की समस्या का तत्काल होगा निराकरण

ग्वालियर नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा (Gwalior Municipal Corporation Commissioner Shivam Varma) के निर्देश पर गंदे पानी की समस्या का तत्काल निराकरण करने के लिए पेयजल कंट्रोल रूम का गठन किया गया है, जिसका टेलीफोन  नंबर 0751-2646605 है। इस नंबर पर प्रातः 7:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक ऑपरेटर  राहुल कुशवाहा एवं दोपहर 3:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक ऑपरेटर अनिकेत श्रीवास्तव उपस्थित रहकर आम जनों की समस्याएं दर्ज करेंगे तथा संबंधित क्षेत्र के अधिकारी को समस्या स्थानांतरित करेंगे । समस्या प्राप्त होते ही संबंधित क्षेत्र के अधिकारी एवं सब इंजीनियर तत्काल समस्या का निराकरण कराएंगे। गंदे पानी से संबंधित समस्या के निराकरण में लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी ।