Dewas : इंद्रदेव को मानाने के लिए बालगढ़ में शुरू हुआ बाग रसोई का आयोजन

किसानों के अनुसार पुराने जमाने में जब बारिश नहीं होती थी तब बाग रसोई का आयोजन किया जाता था।

देवास, अमिताभ शुक्ला। बारिश की लंबी खेंच और वर्षा नहीं होने के चलते जहां पूजा प्रार्थनाओं का दौर जारी है। तो वहीं नए-नए टोटके भी किए जा रहे हैं। इसी के साथ-साथ पुराने जमाने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए देवास (Dewas) के बालगढ़ (Balgarh) क्षेत्र में बाग रसोई का आयोजन किया गया। जिसमें खुले वातावरण में खेत में खाना बनाकर खाया जाता है ।

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ऐसी मान्यता है कि खुले वातावरण में खाना बनाकर खाने के बाद पानी जरूर गिरता है । देवास के बालगढ़ से के किसान कमल पटेल के अनुसार लंबे समय से बारिश नहीं हो रही है। जिसके कारण सोयाबीन की फसलों के साथ ही अन्य फसलें भी सूखने की कगार पर है। उसी के चलते पुराने जमाने की परंपरा का निर्वहन करते हुए आज बाग रसोई का आयोजन किया जा रहा है। ऐसी मानयता है कि बाग रसोई करने और खुले वातावरण में खाना बनाकर खाने से पानी अवश्य आता है और बारिश होती है घोटाला भेजी देवास में भी पिछले कई समय से बारिश नहीं हो रही जिसके कारण पूजा पापा के साथ साथ भाग रसोई जैसे आयोजन देखने को मिल पाए । बाग रसोई के आयोजन में देवास के बालगड में महिलाएं खाना बनाती दिखाई दी ।

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