कलेक्टर का निवेशकों के हित में बड़ा फैसला, सहारा की संपत्ति की बिक्री पर रोक

गुना, डेस्क रिपोर्ट। गुना कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम (Collector Kumar Purushottam) ने एक बड़ी कार्यवाही करते हुए सहारा इंडिया कंपनी (Sahara India) के द्वारा चोरी चुपके से बेची जा रही जमीन पर रोक लगा दी है। दरअसल कलेक्टर के पास सहारा इंडिया में निवेश करने वाले कई निवेशकों द्वारा इस तरह की शिकायतें आ रही थी कि उनका पैसा कंपनी परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद भी नहीं लौटा रही है और लगातार चक्कर काटने के बाद भी उन्हें सिर्फ और सिर्फ झूठा दिलासा ही दिया जा रहा है। निवेशकों द्वारा कई मामले पुलिस में भी दर्ज कराए गए हैं जिस पर पुलिस कार्रवाई कर ही रही है लेकिन कलेक्टर ने निवेशकों के हितों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य गुना जिले में स्थित सहारा इंडिया कंपनी की लगभग 100 एकड़ जमीन की बिक्री पर रोक लगा दी है।

कलेक्टर ने यह भी कहा है कि वे यह सुनिश्चित करेंगे कि कंपनी निवेशकों का पैसा जल्द से जल्द लौटाए और यदि कंपनी पैसा नहीं लौटाती है तो इस जमीन की बिक्री के माध्यम से निवेशकों का पैसा लौटाना सुनिश्चित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के द्वारा चिटफंडियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं और कलेक्टर की कार्यवाही उसी आदेश के पालन में की गई है। इसके पहले सागर और कटनी में भी कलेक्टर इस तरह की कार्रवाई कर चुके हैं और कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर चुके हैं। मध्यप्रदेश में कंपनी के द्वारा हजारों निवेशकों का पैसा नहीं लौटाया गया है और निवेशक लगातार परेशान हो रहे हैं। इतना ही नहीं, ग्वालियर जिले के डबरा में तो कंपनी के एक एजेंट भूपेंद्र जैन ने 5 फरवरी को ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली थी और अपने सुसाइड नोट में उन्होंने साफ तौर पर अपनी आत्महत्या के लिए सहारा इंडिया को जिम्मेदार ठहराया था। भूपेंद्र जैन ने अपने सुसाइड नोट में लिखा था कि सहारा इंडिया कंपनी उनके द्वारा निवेश कराए गए पैसे नहीं लौटा रही है और निवेशक उनके ऊपर दबाव डाल रहे हैं जिसके चलते हुए आत्महत्या कर रहे हैं। अब उपभोक्ताओं की शिकायत पर कार्यवाही करते हुए कलेक्टर द्वारा सहारा कंपनी की जमीनों के विक्रय रोक लगा दी गई है।

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