सिंधिया के हस्तक्षेप के बाद भी नहीं मिली अस्पताल में जगह, युवक की मौत

जहां सिंधिया के ट्वीट के अनुसार उसके भर्ती होने की व्यवस्था की गई थी। युवक अस्पताल पहुंच तो गया लेकिन उसे अंदर नहीं आने दिया और वह गेट पर ही खत्म हो गया। 

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ग्वालियर, अतुल सक्सेना। सिंधिया (scindia) के कहने के बाद भी ग्वालियर (gwalior) में एक युवक की अस्पताल में जगह न मिलने के कारण मौत हो गई। हालत बिगड़ने के कारण उसे दूसरे अस्पताल (ospital) में भर्ती कराने ले जाए जा रहा था लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया (jyotiraditya scindia) के कहने के बावजूद उसे जगह नहीं मिल पाई।

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 दरअसल ज्योतिरादित्य सिंधिया को ट्वीट करके व्यक्ति ने मदद मांगी थी कि ग्वालियर में एक 30 साल का युवा राहुल गंभीर अवस्था में है। उसका ऑक्सीजन लेवल 60 तक पहुंच गया है. तत्काल उसके लिए बेड चाहिए। इस ट्वीट में कांटेक्ट नंबर 94243 45110 लिखा था। ट्वीट के तुरंत बाद सिंधिया की ओर से जवाब आया कि संबंधितो  को बोलकर व्यवस्था करवा दी है। उपचार में किसी और चीज की आवश्यकता हो तो बताएं। इस मरीज को हालत बिगड़ने के चलते केएमजे अस्पताल से बिरला अस्पताल के लिए ले जाया गया था।
जहां सिंधिया के ट्वीट के अनुसार उसके भर्ती होने की व्यवस्था की गई थी। युवक अस्पताल पहुंच तो गया लेकिन उसे अंदर नहीं आने दिया और वह गेट पर ही खत्म हो गया।  जिस युवक ने ट्वीट किया था उसमें लिखा है कि कलेक्टर ने इलाज रत मरीज को केएमजे अस्पताल से डिस्चार्ज कराया और बिरला अस्पताल में इलाज के लिए बोला लेकिन बिरला अस्पताल के डॉक्टर देसाई ने मरीज को एडमिट नहीं किया। तब तक केएमजे अस्पताल फुल हो गया और मरीज अस्पताल के गेट पर घुट घुट कर मर गया।

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सिंधिया को उसने लिखा है कि आपने कहा था किसी और चीज की जरूरत हो तो बताना। आपको कितनी बार टैग किया। आपने खुद की तारीफ वाली खबर ट्वीट की लेकिन मरीज की गिरती ऑक्सीजन वाला ट्वीट नहीं देखा। यदि आप का झूठा आश्वासन नहीं मिला होता तो शायद युवक जिंदा होता। 30 साल की राहुल की हत्या की जिम्मेदारी कौन लेगा राजा साहब। कांग्रेस भी इसे अब हथियार बना रही है और कांग्रेस के आईटी सेल ने सिंधिया के  ट्वीट के माध्यम से  व्यवस्था कर वाह वाही लूटने पर कहा है कि मरी हुई आत्मा के महाराज की संवेदना भी।
सिंधिया के हस्तक्षेप के बाद भी नहीं मिली अस्पताल में जगह, युवक की मौत