फ्रंटलाइन वॉरियर खुद हुए कोरोना के शिकार, जिंदगी की जंग में घरवालों ने सरकार से की मदद की मांग

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। कोरोना काल में दूसरों की मदद करने वाला शख्स अब खुद जिंदगी की लड़ाई लड़ रहा है और उसे सरकारी सहायता की जरूरत है। फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर इंसिडेंट कमांडर आनंद सिंह कोरोना संक्रमित हो गए हैं और उन्हें ब्लैक फंगस भी हो गया है। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति क्रिटिकल बताई है और कहा है कि उन्हें तुरंत दिल्ली शिफ्ट करने की आवश्यकता है। ऐसे में उनके घरवालों ने प्रदेश सरकार से सहायता की अपील की है।

फ्रंटलाइन वॉरियर खुद हुए कोरोना के शिकार, जिंदगी की जंग में घरवालों ने सरकार से की मदद की मांग

मध्य प्रदेश शासन के उद्योग विभाग में महा प्रबंधक के पद पर पदस्थ आनंद सिंह यादव  को कलेक्टर द्वारा जोन 15 ग्वालियर का इंसिडेंट कमांडर बनाया गया था। लेकिन इस कार्य के दौरान वो कोरोना संक्रमित हो गए। आनंद सिंह मधुमेह से भी पीड़ित हैं। कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद उन्हें जया आरोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। लगभग 25 दिन तक वहां भर्ती रहने के बाद भी उनकी स्थिति बिगड़ती गई जिसके बाद परिवार द्वारा उन्हें प्राइवेट चिकित्सालय अपोलो में भर्ती कराया गया। वहां जांच के दौरान आनंद सिंह को ब्लैक फंगस होने की पुष्टि भी हुई है। परिजनों का कहना है कि ब्लैक फंगस की सर्जरी कराई गई लेकिन अब एम्फोटेरेसिन बी इंजेक्शन की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। इस दौरान आनंद सिंह की हालत बिगड़ती जा रही है। डॉक्टरों ने कहा है कि उनके सर्वाइव करने की उम्मीद बेहद कम है और उन्हें मेदांता या गंगाराम हॉस्पिटल दिल्ली ले जाया जाना चाहिए। डॉक्टरों द्वारा 6 घंटे के विंडो टाइम बचा है और परिजनों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि उन्हें दिल्ली ले जा सकें। ऐसे में अब घरवालो ने मध्य प्रदेश सरकार से गुहार लगाई है कि कोरोना वारियर की मदद की जाए। आनंद के बड़े भाई राजेंद्र सिंह यादव (मोबाइल-9965856519) ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रद्युमन सिंह तोमर जी से निवेदन किया है कि वे अपने इस साहसी कर्मचारी की सहायता करें जो ड्यूटी करते हुए इस घातक बीमारी की चपेट में आ गए हैं।