ग्वालियर, अतुल सक्सेना। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के गृह नगर ग्वालियर में बिजली कंपनी के कर्मचारियों की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। गुरुवार को बिजली कंपनी के स्टाफ ने बकाया वसूली के लिए एक मकान को कुर्क करते समय एक व्यक्ति को ही अंदर बंद कर दिया और घर को सील कर चले गए। बाद में मोहल्ले के लोगों के शोर मचाने और प्रयास करने पर बिजली कंपनी का स्टाफ फिर आया और व्यक्ति को नसेनी के सहारे घर के बाहर किया। खास बात ये है कि क्षेत्र के AE ने ऐसी किसी भी घटना से ही इंकार कर दिया।

ग्वालियर में बिजली कंपनी के कंपू जोन में गुरुवार को स्टाफ की बहुत बड़ी लापरवाही सामने आई है। दरअसल बिजली कंपनी की टीम AE महेश कोली के नेतृत्व में अन्य स्टाफ के साथ चना कोठार क्षेत्र में एक घर को कुर्क करने गए थे। गृह स्वामी पर 1,75,505 रुपया बिजली बिल का बकाया था जो बार बार नोटिस देने के बाद भी जमा नहीं कर रहा था। बिजली कंपनी के स्टाफ ने डिफाल्टर महाराज सिंह के मकान पर कुर्की का नोटिस चिपकाया और उसे सील कर दिया और वहाँ से चले गए।

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मकान सील करने के थोड़ी देर बाद घर के अंदर से एक व्यक्ति चिल्लाने लगा। जितेंद्र तोमर नामक व्यक्ति ने कहा कि उसे किसी ने घर में बंद कर दिया। शोर सुनकर मोहल्ले के लोग इकट्ठा हो गए। माजरा समझ में आने के बाद उन लोगों ने बिजली कंपनी के अधिकारियों को फोन लगाया लेकिन कोई रिस्पोंस नहीं मिला। स्थानीय निवासी एवं समाजसेवी संतोष राठौर ने घर के अंदर बंद जितेंद्र के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिये। उन्होंने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और क्षेत्रीय विधायक प्रवीण पाठक को फोन किया। फिर काफी मशक्कत के बाद बिजली कंपनी का स्टाफ गाड़ी लेकर फिर से वहाँ पहुंचा और नसेनी लगाकर जितेंद्र को घर से बाहर नीचे उतारा।

समाजसेवी संतोष राठौर की बात पर भरोसा करें तो करीब ढाई से तीन घंटे जितेंद्र अंदर ही बंद रहा। लेकिन बड़ी बात ये है कि कुर्की करने के दौरान मौजूद AE महेश कोली ऐसी किसी भी घटना से इंकार कर रहे हैं। एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ से बात करते हुए AE महेश कोली ने कहा कि कुर्की के दौरान वे खुद मौजूद थे और घर को सील करने से पहले कई बार आवाज लगाई जब कोई आवाज नहीं आई तो फिर घर को सील किया गया। जब उनसे सवाल किया गया कि आपके ही स्टाफ ने उसे नसेनी से नीचे उतारा है तो उन्होंने कहा कि नसेनी तो किसी की भी हो सकती है। लेकिन बिजली कंपनी के स्टाफ और गाड़ी के सवाल पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। बस इतना कहा कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई।

बहरहाल AE महेश कोली कुछ भी कहें लेकिन जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं वो बिजली कंपनी के स्टाफ की लापरवाही की कहानी साफ कह रहे हैं। वो तो गनीमत ये रही कि जो मकान कुर्क किया गया वो घनी बस्ती में था। मोहल्ला होने के कारण घर से घर लगे हुए थे तो लोगों ने तत्काल मदद मुहैया करा दी यदि यही घटना ऐसी जगह होती जहाँ आबादी कम होती या लोग एक दूसरे से संपर्क कम रखते हो तो परिणाम क्या हो सकता था अंदाजा लगाया जा सकता है।