MP में फिर डकैत की आहट, 50 हजार रुपये के इनामी डकैत लुक्का गुर्जर के मूवमेंट की सूचना पर पुलिस चौकन्नी, जंगल में सर्चिंग शुरू

पुलिस के मुताबिक डकैत लुक्का गुर्जर का हाल ही में एमपी के मुरैना और राजस्थान के धौलपुर के कुछ अपराधों में नाम सामने आया था, एडिशनल एसपी निरंजन शर्मा का कहना है कि लुक्का गुर्जर राजस्थान का बदमाश है उसपर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है , मुखबिर से उसके मूवमेंट की सूचना मिली है पुलिस सर्चिंग कर रही है। 

Atul Saxena
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Police Searching

Dacoit movement in MP : लगभग दो साल बाद फिर मध्य प्रदेश में डकैत मूवमेंट की सूचना ने पुलिस को चौकन्ना कर दिया है, ग्वालियर पुलिस को भंवरपुरा के जंगल में राजस्थान के लुक्का गुर्जर गिरोह की सूचना मिली है, पुलिस ने जंगल में सर्चिंग शुरू कर दी है, लुक्का पर राजस्थान सरकार ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ है उसपर कई अपराध दर्ज हैं।

कभी डकैतों की गोलियों से थर्राने वाले ग्वालियर चम्बल अंचल में एक बार फिर लम्बे अरसे बाद एक डकैत गिरोह के आमद की सूचना पुलिस को मिली है, राजस्थान के 50 हजार रुपये के इनामी डकैत लुक्का गुर्जर के ग्वालियर जिले के भंवरपुरा के जंगलों में छिपे होने की जानकारी मुखबिर ने पुलिस को दी है।

ग्रामीणों में जंगल में देखे हथियारबंद बदमाश 

डकैत मूवमेंट की जानकारी मिलते ही पुलिस अलर्ट हुई, गाँव वालों ने पुलिस को बताया कि चार पांच हथियारबंद लोग जंगल में दिखे हैं, पुलिस ने तत्काल तीन थानों का फ़ोर्स बुलाया और एडी की स्पेशल टीम गठित की और जंगल में सर्चिंग के लिए उतार दी, पुलिस की टीमें घाटीगांव क्षेत्र के भंवरपुरा के जंगल में डकैत के मूवमेंट का पता लगा रही है।

ग्वालियर पुलिस जंगल में कर रही सर्चिंग 

पुलिस के मुताबिक डकैत लुक्का गुर्जर का हाल ही में एमपी के मुरैना और राजस्थान के धौलपुर के कुछ अपराधों में नाम सामने आया था, एडिशनल एसपी निरंजन शर्मा का कहना है कि लुक्का गुर्जर राजस्थान का बदमाश है उसपर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है , मुखबिर से उसके मूवमेंट की सूचना मिली है पुलिस सर्चिंग कर रही है।

MP में फिर डकैत की आहट, 50 हजार रुपये के इनामी डकैत लुक्का गुर्जर के मूवमेंट की सूचना पर पुलिस चौकन्नी, जंगल में सर्चिंग शुरू

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 


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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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