रेमडेसिवीर इंजेक्शन कालाबाजारी मामले में क्राइम ब्रांच का खुलासा, मेडिकल के पास ही अवैध तरीके से खोल रखा था हॉस्पिटल

पुलिस ने धरमपुरी गांव में रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले तीन आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की है।

इंदौर, आकाश धोलपुरे। इंदौर (Indore) क्राइम ब्रांच (Crime Branch) ने कार्यवाही करते हुए सांवेर के धरमपुरी गांव में रेमडेसिवीर इंजेक्शन (Remdesivir Injection) की कालाबाजारी करने वाले तीन आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपियों से क्राइम ब्रांच ने चार रेमडेसिवीर इंजेक्शन जब्त कर आरोपियों द्वारा संचालित मेडिकल दुकान को भी सील किया गया है। पकड़े गए आरोपियों द्वारा कोविड-19 के साथ ही कई गंभीर बीमारियों का इलाज करने के लिए सांवेर तहसील के अलग-अलग गांवो में जाकर लोगो का इलाज किया जाता था। क्राइम ब्रांच को पड़ताल में इस बात का भी पता चला है कि आरोपी बीएचएमएस डॉक्टर राकेश मालवीय गांव गांव जाकर इलाज कर लोगो का विश्वास जीत लेता था।

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दरसअल इंदौर क्राइम ब्रांच रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वालो के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जा रही है। हाल ही में इंदौर क्राइम ब्रांच ने कार्यवाही करते हुए तीन ऐसे आरोपियो को गिरफ्तार किया है जिसमे एक आरोपी डॉक्टर राकेश मालवीय है कि जो कि बीएचएमएस की डिग्री के आधार पर कोविड-19 के मरीजो का इलाज कर रहा था। बताया जा रहा है कि पकड़े गए आरोपी अमन ताज, राकेश मालवीय और शाहरुख ने धरमपुरी में एक भवन को कुछ दिनों पहले ही किराए से लिया था। उसी में सभी आरोपी अस्पताल संचालित कर रहे थे। किराये के भवन में कोविड-19 के इलाज के लिए नियमों को ताक पर रख कर कई पलंग भी लगा रखे थे। वही डॉक्टर राकेश मालवीय द्वारा फर्जी तरीके से बिना डिग्री के मरीजों की कोविड-19 की जांच की जा रही थी जिसकी जांच में क्राइम ब्रांच जुटी है। खुद को बड़ा डॉक्टर बताने वाले आरोपी डॉ. राकेश मालवीय के कोविड मरीजो का पैथोलॉजिकल एक्स-रे सहित अन्य जांच करवाने की सलाह भी दी जा रही थी इतना ही नही डॉक्टर कोविड मरीजों को ग्लूकोज आदि की बोतलें चढ़ाकर इलाज कर रहा था। क्राइम ब्रांच के एसएसपी गुरुप्रसाद पाराशर की माने तो खुद को बीएचएमएस डॉक्टर बताने वाला राकेश मालवीय अपने साथियों के साथ सांवेर तहसील के देपालपुर ,सांवेर , गौतमपुरा क्षेत्रो में इलाज करने जाता था। वही वो इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र के एक हॉस्पिटल में भी काम कर रहा था।

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बतादें कि पकड़े गए आरोपियों ने हद तो तब कर दी जब सभी ने एक हॉस्पिटल लिया जिसके बाहरी हिस्से में मेडिकल स्टोर भी था, जहां इलाज करवाने के बाद लोगो को वहीं से दवा खरीदने का बोला जाता था। आरोपियों के पास से चार रेमडेसिवीर इंजेक्शन भी मिले है जिन्हें जब्त कर लिया गया है। इन इंजेक्शनों को तीनो आरोपी अमन, राकेश व शाहरुख 30-30 हजार रुपए में बेचने के लिए कार से घूम रहे थे। अब तक अकेले क्राइम ब्रांच ने पूरे कोरोना काल में 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर 417 रेमडेसिविर इंजेक्शन जब्त कर चुकी है। वही इस मामले में अब क्राइम ब्रांच द्वारा मेडिकल को सील कर आरोपियों पर एनएसए की कार्यवाही करने की तैयारी की जा रही है।