इंदौर, आकाश धोलपुरे। मध्यप्रदेश के दो बड़े शहरों में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू है ऐसे में अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस सतत अभियान चला रही है ताकि बदमाशों में पुलिस का खौंफ रहे और वो किसी भी सूरत में अपराधों को अंजाम न दे सके। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इंदौर पुलिस (Indore Police) अब सख्त हो चुकी है और पुलिस का सिंघम अवतार अब बदमाशों के लिए बड़ी आफत बन गया है।
यह भी पढ़े… Realme Narzo 50 5G और Vivo X80 आज भारत में हुआ लॉन्च, दमदार हैं दोनों स्मार्टफोन, जाने फीचर्स
मंगलवार रात को तो इंदौर के झोन – 4 में आने वाले तीन एसीपी और 9 थाना क्षेत्रों की टीम एक साथ कार्रवाई के लिए सड़कों से लेकर गलियों तक मे नजर आई। दरअसल, एडिशनल डीसीपी प्रशांत चौबे ने सभी पुलिस अधिकारियों को बुलाकर साफ निर्देश दिए कि वो रात 12 बजे तक पश्चिमी थाना क्षेत्र के 9 थाना क्षेत्रो में तुरंत कार्रवाई कर बदमाशों की धरपकड़ करे।

बता दे कि झोन 4 में एडिशनल डीसीपी प्रशांत चौबे के नेतृत्व में 9 थानों की पुलिस का विशेष अभियान देर रात तक चला और अभियान के दौरान पुलिस ने कई फरार और लिस्टेट गुंडे और बदमाशो को गिरफ्तार किया है। 9 थानों की पुलिस टीम न सिर्फ सड़को पर उतरी बल्कि छोटी – छोटी गलियों तक में रहने वाले बदमाशो के घरों पर दबिश दी। पूरे अभियान की कमान खुद एडिशनल डीसीपी प्रशांत चौबे संभाल रखी थी। 9 थानों में रात 12 बजे तक चली कार्रवाई के दौरान करीब 100 से ज्यादा बदमाशों को पकड़ा जा चुका है। देर रात तक चले अभियान के बाद अब बदमाशों में ख़ौफ का माहौल है।
[dgv_vimeo_video id=”711151467″]
एडिशनल डीसीपी प्रशांत चौबे ने बताया कि रात 12 बजे के पहले पुलिस ने काम्बिंग अभियान के जरिये निगरानीशुदा बदमाश, स्थायी वारंटी, गिरफ्तारी वारंटी, फरार और जिला बदर के अपराधियों पर नकेल कसी है। अचानक दी गई दबिश के दौरान 23 स्थायी वारंटी, 32 गिरफ्तारी वारंटी तामील हो चुके है उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान एनडीपीएस एक्ट के भी करीब 5 मामले और अवैध शराब का काम करने वाले 5 लोगो को भी गिरफ्तार किया गया है। वही 50 गुंडों और 70 स्थायी वांरटियो की चैकिंग की गई वही 1 जिला बदर का अपराधी भी पकड़ाया है।
[dgv_vimeo_video id=”711151263″]
बता दे कि कुछ दिन पहले भी पुलिस ने काम्बिंग अभियान के तहत अचानक कार्रवाई कर कई बदमाशों पर नकेल कसी थी वही मंगलवार को हुई कार्रवाई के बाद अब शहर में दहशत फैलाने वाले खुद दहशत में आ चुके है क्योंकि पुलिस का अभियान आगे भी इसी तरह से अंजाम दिया जा सकता है।





