Jabalpur News: सिटी अस्पताल की शर्मनाक करतूत, कोरोना पीड़ित को पकड़ाया डेढ़ लाख से ज्यादा का बिल, बनाया बंदी

यहां पर 5 दिन के अंदर कोरोना के मरीज (corona patient) का डेढ़ लाख रु से ज्यादा का बिल (bill) बना दिया गया। इतना ही नहीं, बिल जमा न करने के एवज में कोरोना मरीज को अस्पताल प्रबंधन ने बंदी तक बना डाला।

निजी अस्पताल

जबलपुर, संदीप कुमार। जबलपुर (jabalpur) में पहले भी निजी अस्पतालों (private hospital) की मनमानी और मजबूरों के ऊपर ज्यादती के किस्से सामने आ चुके है। अब एक बार फिर सिटी अस्पताल (city hospital) की एक और शर्मनाक करतूत (shameful act) सामने आई है। यहां पर 5 दिन के अंदर कोरोना के मरीज (corona patient) का डेढ़ लाख रु से ज्यादा का बिल (bill) बना दिया गया। इतना ही नहीं, बिल जमा न करने के एवज में कोरोना मरीज को अस्पताल प्रबंधन ने बंदी तक बना डाला। जब बात ज्यादा बढ़ गई तो परिजनों ने कलेक्टर से मदद की गुहार लगाई। कलेक्टर (collector) के हस्तक्षेप के बाद कोरोना मरीज को आजादी मिल पाई।

जबलपुर कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के मोबाइल पर आज सुबह एक मैसेज आया कि एक करोना मरीज को सिटी अस्पताल में बिल की राशि पूरा न जमा करने पर बंधक बनाया हुआ है साथ ही अस्पताल प्रबंधन परिवार पर पैसा जमा करने का दबाव भी बनाए हुए हैं। मैसेज मिलते ही कलेक्टर शर्मा ने सीएमएचओ को मैसेज फॉरवर्ड करते हुए तत्काल कार्यवाही करने के आदेश दिए

केयर बायं कलेक्टर के व्हाट्सएप नंबर 7587970500 पर बरगी निवासी संगीत जैन ने लिखा कि मेरे बड़े भाई संजय जैन कोरोना पाॅजिटिव होने के कारण उन्हें सिटी हॉस्पिटल में 28 मार्च को भर्ती करवाया था। हॉस्पिटल प्रबंधक द्वारा सेमी प्राइवेट वार्ड का प्रतिदिन 5000 रुपए, रोज नर्सिंग सुविधा, डॉक्टर चेकअप और अन्य सुविधा का 2,500 कुल 7, 500 रू तय किया गया। जिसके बाद परिजनों ने 40,000 रू जमा कर दिए। आज 2 अप्रैल को जब परिजनों ने मरीज का स्वास्थ अच्छा देखा तो हॉस्पिटल प्रबंधक से छुट्टी करने की बात की। इस पर हॉस्पिटल प्रबंधन ने मना कर दिया। इतना ही नहीं प्रबंधन ने 87,659 रुपए हॉस्पिटल का खर्च और 71, 379 रुपए दवाइयों का खर्च की मांग की और मरीज को हॉस्पिटल में बंदी बना लिया गया ।

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जानकारी मिलते ही कलेक्टर के आदेश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रत्नेश कुरारिया ने तत्काल  डॉ प्रियंक दुबे, नोडल अधिकारी और उनकी टीम को हॉस्पिटल भेजा। टीम ने मरीज के परिवार और हॉस्पिटल प्रबंधक से जानकारी ली और दोनों पक्षों के बीच समझौता करवाया और मरीज को डिस्चार्ज करवाया। इस बीच अस्पताल प्रबंधक ने बंधक बनाने की बात से इनकार किया है।

जैन परिवार ने कलेक्टर के प्रति आभार व्यक्त किया
संगीत जैन ने कलेक्टर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए  कहा कि कलेक्टर साहब ने यह बहुत अच्छी सुविधा उपलब्ध करवाई है इससे आम नागरिकों को बहुत ही राहत मिल रही है जैसा कि आज मेरे परिवार को मिली है।