पुलिसकर्मी बनकर ठग ने दी धौंस, पीड़ित से ठगे हजारों रूपये, जानें क्या है मामला

जबलपुर, संदीप कुमार। साइबर फ्रॉड के जरिए ठगने वाला एक गिरोह इन दिनों मध्यप्रदेश में सक्रिय है जो कि बाकायदा पुलिस अधिकारियों के नाम से लोगो को ठगने का काम करता है। हाल ही में जालसाजों ने मेडिकल कालेज में काम करने वाले वार्ड बॉय के साथ ठगी करते हुए 22 हजार रुपए डरा धमकाकर ले लिए। पहले तो ठग ने सिम का वेरीफिकेशन न होने का हवाला देकर मोबाइल पर भेजा गया ओटीपी बताने को कहा। जब युवक ने बताने से मना कर दिया तो क्राइम ब्रांच और गढ़ा थाने का एस.आई बताकर उसे ब्लैकमेल करने लगा।

धमकी- तुमने मोबाइल चुराया है, जाना होगा जेल
मेडिकल कालेज में वार्ड बॉय के पद पर पदस्थ ठेका कर्मी आकाश मल्लाह के मोबाइल पर गुरुवार को 6267510157 नंबर से कॉल आया। पहले जालसाज बोला कि वह संचार कंपनी से बोल रहा है। उसने सिम का वेरीफिकेशन नहीं कराया है, इसे आधार कार्ड से लिंक कराना है नही तो सिम बंद हो जाएगी, सिम चालू रखनी है तो मोबाइल पर एक लिंक भेजा गया है उसके साथ पासवर्ड आएगा बताना होगा। युवक आकाश ने बताने से मना कर दिया। कुछ देर बाद ठग का पुनः काल आया, इस बार वह खुद का परिचय क्राइम ब्रांच एसआई पी.के मरावी के तौर पर दी। एसआई ने बोला कि तुमने मोबाइल चुराया है, उसने आईएमआई नंबर भी बता दिया। संयोग से आकाश को उक्त मोबाइल छह जनवरी को गिरा हुआ मिला था, 10 दिन पहले ही उसने उसमें सिम लगाई थी।

ठग ने युवक को डराया
जालसाज ने आकाश को डराया कि तुमने मोबाइल चुराया है, तुम्हें जेल जाना पड़ेगा। फिर उसने बोला कि बचना चाहते हो तो जिसका मोबाइल है उसे 13 हजार रुपए दे दो, किसी को कुछ पता नही चलेगा। आकाश डर गया कि पुलिस उसे तलाश कर लेगी और वह फिर जालसाज की बातों में आ गया।

जालसाज ने ऑनलाइन खाते में जमा कराए पैसे
जालसाज ने आकाश को बुरी तरह से डरा दिया। एसआई बनकर उसने बोला कि जल्दी पैसे नहीं भेजे तो तुम्हारे घर पुलिस पहुंच जाएगी। आकाश के पास पैसे नहीं थे तो उसने अपने दोस्त शास्त्रीनगर निवासी नीरज को खाता नंबर देकर 12 हजार 990 रुपए जमा करने के लिए बोला। आकाश ने अपने साथी का भी नंबर दे दिया। जालसाज ने नीरज से रकम जमा करा ली, फिर भी आकाश को दुबारा ब्लैकमेल करते हुए उसे कहा कि रुपये नही पहुँचे है।

गाड़ी गिरवी रखकर दिए 9 हजार रुपए
सड़क पर गिरा मोबाइल उठाकर उसे उपयोग करने को लेकर आकाश डर गया जिसके चलते उसने अपनी गाड़ी गिरवी रखी और नौ हजार रुपए का इंतजाम किए और फिर जालसाज के बताए खाते में नौ हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन भी कर दिया। जालसाज ने आकाश से कहा कि दो घंटे तक वह किसी को माेबाइल नहीं करेगा और न ही किसी का कॉल रिसीव करेगा। फिर चाहे खुद उसका ही कॉल क्यों न आए। इसी तरह जालसाज ने नीरज से भी कहा था। यही कारण रहा कि आकाश व नीरज एक दूसरे को कॉल कर पैसे भेजने के बारे में नहीं बता पाए।

अब भी मांग रहा है रूपये
जालसाज आकाश के मोबाइल पर अब भी कॉल कर उसे चार हजार रुपए और जमा करने के लिए बोलता रहा जिसपर शुक्रवार शाम चार बजे पीड़ित स्थानीय समाजसेवी आशीष ठाकुर के साथ गढ़ा थाने पहुंचा। वहां मामले में शिकायत दी। इस ठगी में कई ऐसी बातें सामने आई है, जो पहली बार हुई। पीड़ित को संदेह है कि इस खेल में कोई संचार कंपनी का कर्मी या फिर पुलिस वाला तो नहीं शामिल है।

ट्रू कॉलर में जालसाज का इस नाम से शो हो रही जानकारी
आशीष ठाकुर के मुताबिक जालसाज का मोबाइल नंबर ट्रू कॉलर पर शिवांगी स्मार्ट सर्विस के नाम से शो हो रहा है। बैच नंबर या वीडियो कॉल करने की बात पर वह मोबाइल बंद कर लेता है, इधर गढ़ा पुलिस के मुताबिक सायबर सेल को शिकायत भेज कर खाता होल्ड कराने के लिए कहा गया है।

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