Jabalpur : कलेक्टर को हुआ कोरोना तो सीएमएचओ पर गिरी गाज, डॉ मनीष मिश्रा को हटाया

डॉ रत्नेश कुरारिया फिर बने मुख्य चिकित्सा अधिकारी

जबलपुर, संदीप कुमार। शहर में कोरोना पर लगाम लगने के बीच जिले के स्वास्थ्य विभाग की कमान एक बार फिर बदली गई है। स्वास्थ्य विभाग ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनीष मिश्रा को हटाते हुए एक बार फिर डॉ रत्नेश कुरारिया को सीएमएचओ बना दिया है। माना जा रहा है कि कलेक्टर के कोरोना संक्रमित होने के कारण डॉ मनीष मिश्रा पर ये गाज गिरी है।

कभी डॉ मनीष मिश्रा तो कभी डॉ रत्नेश कुरारिया
जबलपुर में कोरोना से निपटना छोड़ राज्य सरकार इन दिनों सीएमएचओ को अदलने-बदलने में लगा हुई है। मंगलवार को एक बार फिर वर्तमान स्वास्थ्य अधिकारी को हटाकर पुराने सीएमएचओ को कुर्सी पर बैठा दिया गया है।

दरअसल, स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को एक आदेश जारी कर रेडियोलॉजिस्ट डॉ. मनीष मिश्रा को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के पद से हटा दिया है। वहीं विक्टोरिया अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. रत्नेश कुरारिया को पुनः सीएमएचओ का प्रभार सौंपा गया है।

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मजाक बन गया जबलपुर सीएमएचओ का पद
जिला अस्पताल जबलपुर में सीएमएचओ की कुर्सी कांटों वाली साबित हो रही है। ये कुर्सी मजाक बनाकर रह गई है। अभी कुछ दिन पहले ही मनीष मिश्रा को यह जिम्मेदारी दी गई थी। इसके पहले रत्नेश कुरारिया सीएमएचओ थे। अब विक्टोरिया अस्पताल परिसर में चर्चाएं आम है कि जबलपुर के स्वास्थ्य विभाग को मजाक बना दिया गया है। कभी भी सीएमएचओ की कुर्सी में फेरबदल कर दिया जाता है।

कलेक्टर को कोरोना होना भी एक बड़ी वजह
स्वास्थ्य विभाग का वैक्सीन लगवाने को लेकर सुस्त रवैया भी इसके कारणों में शामिल है। वहीं सोमवार को जबलपुर कलेक्टर कर्मवीर शर्मा की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। वड़ी वजह ये भी मानी जा रही है कि इस कारण सीएमएचओ के प्रभार में फेरबदल किया गया है। कलेक्टर को कोरोना होने के सिर्फ एक दिन बाद डॉक्टर मनीष मिश्रा को सीएमएचओ के पद से हटा देने के पीछे ये एक बड़ा कारण माना जा रहा है।