जबलपुर : दो दिन से पत्थरों के बीच फंसे नंदी को किया गया रेस्क्यू

दो दिन से पत्थरों में फंसे बैल की हालत बेहद दयनीय हो गई थी खुद को निकालने के प्रयास में उसका एक पैर भी जख्मी हो गया था, जैसे ही उसे पत्थरों से निकाला गया, सभी ने राहत की सांस ली।

जबलपुर, संदीप कुमार। जबलपुर में दो दिन से पत्थरों में फंसे बैल को आखिरकार बचा लिया गया, बैल ऐसी जगह पत्थरों में फंसा था जहां ज्यादा किसी का आना जाना नहीं था, गनीमत रही कि उस जगह अचानक पहुंचे कुछ युवकों ने बैल को दर्दनाक स्थिति में फंसे देखा तो पहले खुद निकालने का प्रयास किया लेकिन जब वह सफल नहीं हुए तो उन्होंने अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और बजरंग दल को सूचना दी जिसके बाद इन संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद बैल को बाहर निकाला।

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घटना राँझी बड़ा पत्थर के पास की थी,  यह बैल 2 दिन से पत्थरों के बीच फंस गया था। इस दौरान बैल ने कई बार वहां से बाहर निकलने का भरसक प्रयास भी किया पर असफल रहा। कुछ लोगों ने देखा कि रांझी बड़ा पत्थर के पास पत्थरों के बीच एक नंदी बैल फंस गया है। बताया जा रहा है कि यह बैल पिछले 2 दिनों से फंसा हुआ था। पत्थरों से बाहर निकलने के प्रयास में उसके पैर में गंभीर चोटें भी आ गई थी। पहले तो स्थानीय लोगों ने उसे बाहर निकालने का प्रयास किया पर बैल बेल काफी गुस्से में था। उसके बाद अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को इसकी जानकारी दी गई। सूचना मिलने के बाद शिव ठाकुर, हेमंत तिवारी, भारत चौधरी अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और फिर रस्सियो की मदद से घायल नंदी को बाहर निकाला। बजरंग दल कार्यकर्ता भारत ने बताया कि स्थानीय लोगों ने सूचना दी थी कि बड़े पत्थर के पास पत्थरों के बीच 2 दिन से एक बैल फंसा हुआ है। अगर उसे सही समय पर नहीं निकाला गया तो जान भी जा सकती है। सूचना पर अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रेस्क्यू कर नंदी बैल को बाहर निकाला और फिर इलाज के लिए उसे पशु चिकित्सा अस्पताल भी ले जाए गए।