Jabalpur : जिला और ग्राम पंचायतों के कर्मचारियों की हड़ताल से कामकाज ठप

शासन की योजनाओं के तहत चल रहे कामों भी पूरी तरह से ठप हो गए हैं। हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि जब तक मांगे नहीं होगी हड़ताल जारी रहेगी।

जबलपुर, संदीप कुमार। जबलपुर (Jabalpur) में जिला-जनपद और ग्राम पंचायत के कर्मियों ने सरकार से आर-पार की लड़ाई का मूड बना लिया है। पहले सरकारी व्हाटसएप ग्रुपों से कर्मचारियों ने हटना शुरू किया और अब कामबंद हड़ताल (strike) कर दिया,जिसके चलते कामकाज पूरा ठप्प हो गया है।

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जनपद-जिला और ग्राम पंचायत में कामकाज ठप
जनपद-जिला पंचायत और ग्राम पंचायत अधिकारी- कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से कार्यालय और ग्राम पंचायत स्तर का कामकाज बेपटरी हो गया है। शासन की योजनाओं के तहत चल रहे कामों भी पूरी तरह से ठप हो गए हैं। हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि जब तक मांगे नहीं होगी हड़ताल जारी रहेगी।

कर्मचारियों का कहना था कि सरकार ने उनके साथ वादाखिलाफी की है, हर बार आश्वासन दिया गया परंतु मांगे पूरी आज तक नहीं हुई है, संयुक्त मोर्चा सचिव संगठन के पदाधिकारियों ने अपनी मांग परिवीक्षा अवधि के बाद नियमितीकरण करने बाबत चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा है। इस कड़ी में पहले सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया गया इसके बाद कामबंद हड़ताल की शुरूआत की गई।

संयुक्त मोर्चा के बैनर तले आयोजित हो रही अधिकारी-कर्मचारियों की हड़ताल होने की प्रमुख वजह मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा बार-बार इनकी मांगों को अनसुना करना है। संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष राजेश तिवारी, मनोज अग्रवाल, धनंजय शर्मा, अनिल चौबे, सुषमा सरफरे ने बताया कि कई सालों से प्रमुख अधिकारियों के माध्यम से मध्यप्रदेश सरकार को ज्ञापन दिए गए। उन्हें बताया गया कि कितने कम स्टाफ पर जनपद और जिला कार्यालयों में कार्य हो रहा है। परेशान व्यवस्था और नियमितीकरण को लेकर भी ज्ञापन दिए गए, लेकिन हर बार सरकार का रवैया आश्वासन पर ही टिका रहा। इससे मजबूर होकर प्रदेश भर में संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में हड़ताल की जा रही है और यह हड़ताल तब तक जारी रहेगी तब तक, शासन मांगों को लेकर ठोस निर्णय नहीं लेता।

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