कोरोना के मद्देनजर ग्रीष्मकालीन अवकाश के लिए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को लिखा गया पत्र

इस मांग में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में आगामी 3 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश लागू किये जाने की बात कही गयी है।

हाईकोर्ट

जबलपुर, संदीप कुमार। ग्रीष्मकालीन अवकाश (summer vacation) के लिए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (madhya pradesh highcourt bar association) और हाई कोर्ट एडवोकेट बार एसोसिएशन (high court advocate bar asociation) ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (mp highcourt) के मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक को एक पत्र लिखकर मांग की है। इस मांग में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में आगामी 3 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश लागू किये जाने की बात कही गयी है।

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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट बार एसोसिएशन का मानना है कि मई माह के मध्य में कोरोना की दूसरी लहर सर्वाधिक होने की जानकारी है। ऐसे में यदि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत हाईकोर्ट में 17 मई से 31 मई के बीच ग्रीष्मकालीन अवकाश लागू होगा तो उससे कोरोना संक्रमण से होने वाले बड़े खतरे से बचा जा सकता है।

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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव मनीष तिवारी की मानें तो मध्यप्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और हाई कोर्ट एडवोकेट बार एसोसिएशन द्वारा मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र भेजा गया है जिसमें ग्रीष्मकालीन अवकाश हेतु 3 मई से 28 मई तक के अवकीश की मांग की गई है। इसके बाद 31 मई से हाई कोर्ट में सीमित सुनवाई पहले की तरह शुरू हो सकती है। ग्रीष्मकालीन अवकाश के काल में सप्ताह में 2 दिन सोमवार और गुरुवार को सिर्फ समर वेकेशन बेंच लगेगी जिसके जरिए महत्वपूर्ण मामले ऑनलाइन सुने जाएंगे।