गुरु पूर्णिमा से पहले दादा भक्तों का खंडवा आगमन, प्रशासन ने 21 जुलाई से की सीमाएं सील

खंडवा, सुशील विधानी। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व से पहले खंडवा में दादाजी भक्त दूर-दूर से आना शुरू हो गए हैं। जत्थे के रूप में भज लो दादाजी का नाम भज लो हरि हरि का नाम के जयकारों के साथ नंगे पर महाराष्ट्र से बड़ी ताताद में भक्त पहुंचे। लेकिन 21 जुलाई से कलेक्टर द्वारा बाहर के लोगों को शहर में आगमन पर प्रतिबंध लगाया गया है तथा सभी सीमाएं सील की गई है।

कोविड-19 के चलते पिछले वर्ष भी गुरु पूर्णिमा सोशल डिस्टेंसिंग के माध्यम से ही और शासन की गाइडलाइन के अनुसार मनाई गई थी। इस वर्ष 24 जुलाई को गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जाना है इसको लेकर जिला प्रशासन और दादा दरबार और ट्रस्ट द्वारा व्यापक तैयारी की जा चुकी है। मंदिर प्रशासन द्वारा भक्तों के लिए दादा दरबार में उनके निशान रखने की व्यवस्था, साथ ही भक्तों के लिए प्रसादी का भी विशेष प्रबंध किया जा रहा है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी विभिन्न क्षेत्रों से दरबार पहुंच रहे हैं दर्शन करने के लिए। परंतु खंडवा ट्रस्ट व क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में कलेक्टर द्वारा 21 तारीख से बाहर के लोगों को शहर में आगमन पर प्रतिबंध व सभी सीमाएं सील की गई है और गुरु पूर्णिमा पर्व 22 ,23,24 को ही मनाया जा रहा है।

गुरु पूर्णिमा से पहले दादा भक्तों का खंडवा आगमन, प्रशासन ने 21 जुलाई से की सीमाएं सील

हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बड़े उत्साह के साथ पांडुरना का रथ व बैतूल जिले के भैंसदेही से पदयात्रा करते हुए सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु भक्त खंडवा दादाजी की नगरी में गुरु पूर्णिमा के पूर्व निशान लेकर पहुंच चुके हैं। गुरु पूर्णिमा का पर्व पर बड़ी आस्था और भक्ति उमंग के साथ दादा भक्त जो देश भर से खंडवा आते हैं, शीश नवाने भज लो दादाजी का नाम भज लो हरि हरि जी का नाम के जयकारे और अपने गुरु आराध्य बड़े दादा जी और छोटे दादा जी को नमन करते हैं।

गुरु पूर्णिमा से पहले दादा भक्तों का खंडवा आगमन, प्रशासन ने 21 जुलाई से की सीमाएं सील

प्रशासन के अनुसार गुरु पूर्णिमा महोत्सव के लिए अन्य राज्यों व जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं शमिल होने खंडवा आते है इससे बाहरी जिलों की भीड़ को रोकने मंगलवार रात से जिले की सीमाएं सील कर दी गई है। खंडवा कलेक्टर अनय द्विवेदी ने आदेश जारी कर कहा है कि बाहरी व्यक्ति को जिले में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। कोरोना संक्रमण को देखते हुए गुरु पूर्णिमा के अलावा सावन में कावड़ यात्रा और भंडारे प्रतिबंधित रहेंगे। मंगलवार रात 12 बजे से जिले की सीमाओं को भी सील किया गया। दादाजी धाम में अब तक महाराष्ट्र, बैतुल, छिंदवाड़ा सहित अन्य स्थानों से सैकड़ों भक्त निशान चढ़ाकर जा चुके है। इन निशानों को पर्व के मुख्य दिवस पर दादाजी को अर्पित किया जाएगा। मंदिर ट्रस्ट के सुभाष नागोरी ने बताया कि कोरोना गाइड लाइन के अनुसार 20-20 लोगों को निशान चढ़ाने की अनुमति दी जा रही है, लोग निशान चढ़ाकर दर्शन कर वापस जा रहे हैं। देश-विदेश में बसे दादाजी भक्तों के लिए ट्रस्ट के सेवाधारियों द्वारा फेसबुक पेज भी बनाया गया है। श्री दादा दरबार पेज पर अब तक 30 हजार से ज्यादा लोग जुड़े चुके हैं। दादाजी भक्त रौचक नागोरी ने बताया कि यूं तो दादाजी दरबार के पेज पर रोज आरती के लाइव दर्शन कराएं जाते हैं, लेकिन पर्व के दिन 23 जुलाई को पर्व की चारों आरती, हवन, कथा की दोनों आरती, सेवा, पूजा और अभिषेक का सीधा प्रसारण की व्यवस्था फेसबुक पेज पर की जाएगी, जिससे देश-विदेश के भक्त सीधे दर्शन कर सकेंगे।