प्रमाणपत्र में मृत्यु का कारण कोरोना नहीं लिखे जाने पर भड़के विधायक, निगम अधिकारी को फटकारा

उन्होंने वहीँ से कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह और नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा को फोन कर कहा कि जल्दी व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।       

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों के परिजन मृत्यु प्रमाणपत्र(Death Certificate) और उस पर मृत्यु का कारण कोरोना (Cause Of Death Corona) लिखवाने के लिए भटक रहे हैं। परेशान लोगों ने कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक (Congress MLA Praveen Pathak) से शिकायत की। लोगो के सर्टिफिकेट देखने के बाद विधायक प्रवीण पाठक परेशान लोगों को लेकर नगर निगम कार्यालय पहुंचे और उन्होंने निगम अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई।  उन्होंने कहा कि जब तक मृत्यु पत्र पर मृत्यु का कारण कोरोना नहीं लिखा होगा तब तक उसे परिवार को शासन द्वारा घोषित एक लाख अनुग्रह राशि कैसे मिलेगी ? विधायक (Congress MLA Praveen Pathak) ने वहीं से कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर को व्यवस्थाएं जल्दी सुधारने के निर्देश दिए।

कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के सामने सबसे बड़ा संकट मृत्यु प्रमाण पत्र हासिल करना हो गया है।  पहले से ही अपने को खो जाने का दुःख और आर्थिक तंगी झेल रहा आम आदमी अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है।  ये परेशानी तब से और बढ़ गई जब से प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) ने कोरोना से जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार को 01 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।

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मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद सबसे पहले निजी अस्पतालों ने परेशानी पैदा करना शुरू कर दी। ऐसे कई अस्पतालों की शिकायत सामने आई जो डिस्चार्ज टिकट पर मृत्यु का कारण कोरोना नहीं लिख रहे।  कुछ अस्पताल तो इलाज तक की डिटेल नहीं दे रहे।  हालाँकि जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद स्थितियों में थोड़ा सुधार आया है।

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मृत्यु प्रमाणपत्र प्राप्त करने की परेशानी यहीं पर समाप्त नहीं हो जाती क्योंकि सर्टिफिकेट नगर निगम को जारी करना है यहाँ भी लोग चक्कर लगा लगा कर परेशान हो रहे हैं। लोगों का आरोप है कि निगम के अधिकारी मृत्यु प्रमाणपत्र पर मृत्यु का कारण कोरोना नहीं लिख रहे। शिकायत लेकर पीड़ित लोग कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक के पास पहुंचे।

विधायक प्रवीण पाठक परेशान लोगों को लेकर नगर निगम के बाल भवन स्थित जन्म मृत्यु कार्यालय पहुंचे यहाँ उन्होंने पहले स्टाफ से बात की और फिर उपायुक्त एवं जन्म मृत्यु शाखा प्रभारी डॉ प्रदीप श्रीवास्तव से बात की।  विधायक प्रवीण पाठक के सवालों के जवाब में जब डॉ प्रदीप श्रीवास्तव ने सफाई देनी चाही तो विधायक प्रवीण पाठक भड़क गए उन्होंने जमकर लताड़ लगाई।  उन्होंने वहीँ से कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह और नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा को फोन कर कहा कि जल्दी व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।

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कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने कहा कि अभी भी मध्यप्रदेश  प्रशासन के कुप्रबंधन को झेल रहा है।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की एक लाख रुपये अनुग्रह राशि देने की घोषणा के बाद भी मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने वाले अधिकारी घालमेल कर रहे हैं जिससे लोग परेशां हो रहे हैं।  मैंने कलेक्टर और निगम कमिश्नर को आज ही रात तक इस पर कोई ठोस निर्णय लेने के निर्देश कड़े शब्दों में दिए हैं।