मंदसौर : डेढ़ माह से पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, ग्राम पंचायत का किया घेराव

गुरुवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत का घेराव किया। साथ ही पंचायत पर जल वितरण में भेदभाव करने का आरोप लगाया है।

मंदसौर, गौरव त्रिपाठी। मंदसौर (Mandsaur) जिले के झलारा गांव की आधी आबादी करीब डेढ़ माह से पीने के पानी की समस्या से जूझ रही है। जिसको लेकर गुरुवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत का घेराव किया। साथ ही पंचायत पर जल वितरण में भेदभाव करने का आरोप लगाया है।

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मंदसौर के झलारा गांव की आधी आबादी करीब डेढ़ माह से पानी की किल्लतो का सामना कर रही है। वहीं लंबे समय से चली आ रही इस समस्या का ग्राम पंचायत कोई समाधान नहीं कर पाई है। वही अधिकारी भी इसकी कोई सुध नहीं ले रहे है। जिसके बाद गुरुवार को ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत का घेराव कर दिया। ग्रामीणों ने पंचायत भवन के बाहर 3 घंटे तक पानी के खाली बर्तन रखकर धरना प्रदर्शन किया। और ग्राम पंचायत पर जल वितरण में भेदभाव का आरोप लगाया है।

आधे गांव में नल व्यवस्था ठप
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के कुछ हिस्से में रोजाना नल आते है। लेकिन आधे गांव में नल व्यवस्था ठप पड़ी हुई है। और ऐसे में उन्हें लंबी दूरी तय कर पानी की व्यवस्था करनी पड़ती है। ग्रामीणों के अनुसार वे कई बार स्थानीय सरपंच और सचिव को इस समस्या से अवगत करवा चुके है। लेकिन बावजूद इसके अब तक कोई समाधान नही किया गया। जिसके बाद मजबूरन उन्हें पंचायत के बाहर प्रदर्शन करना पड़ा। ग्रामीणों के प्रदर्शन के दौरान कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुँचा।

सचिव ने दिया आश्वासन
लेकिन जब मीडिया के पहुँचने की जानकारी सचिव को लगी तो उन्होंने मौके पर पहुँचकर ग्रामीणों को आश्वासन दिया। ग्राम पंचायत झलारा के सचिव मागुराम कुमावत ने कहा कि समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा। बताया जा रहा है कि यह गांव जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा गोद लिया हुआ है। और जल वितरण में प्रदेश में तीसरे नंबर पर आता है। फिर भी यहां डेढ़ माह से आधे गांव में पानी की सप्लाई बाधित हो रही है। ऊपर से उस पर किसी के द्वारा ध्यान नहीं देना बड़ी लापरवाही को दर्शाता है। साथ ही सवाल भी खड़े करता है की जब इस गांव का यह हाल है तो बाकी ग्रामो की स्थिति क्या होगी। अब देखना होगा कि सचिव के आश्वासन के बाद कब तक ग्रामीणों को पानी की समस्या से निजात मिलेगा।

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