Morena News : 1 माह से हड़ताल पर बैठे पटवारियों ने जिलाध्यक्ष को सौंपा इस्तीफा, कहा – सरकार मांगे नहीं मानती है तो इस्तीफा मंजूर करें

Amit Sengar
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Morena News : मध्य प्रदेश सरकार के कार्रवाई के आदेश पर जिले के पटवारियों ने सामूहिक इस्तीफा लिख जिलाध्यक्ष को सौंप दिया है। जिसमें कहा गया है कि सरकार उनकी मांगे नहीं मानती है तो इस्तीफा मंजूर करें।

400 पटवारियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर प्रदेश के 19 हजार पटवारियों सहित मुरैना जिले के 400 पटवारी पुराना कलेक्ट्रेट में तहसील ऑफिस के सामने पिछले एक माह से वेतन विसंगति सहित अन्य मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन सामूहिक हड़ताल पर बैठे हैं। सरकार के नहीं सुनने पर पिछले दिनों से पटवारियों ने क्रमिक भूख शुरू की थी।

Morena News : 1 माह से हड़ताल पर बैठे पटवारियों ने जिलाध्यक्ष को सौंपा इस्तीफा, कहा - सरकार मांगे नहीं मानती है तो इस्तीफा मंजूर करें

हड़ताल कर रहे पटवारियों का कहना है कि विगत 25 सालों से अपनी वेतन विसंगति मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे है। लेकिन सरकर ने उनकी कोई मांग नहीं मानी है। अब दमनकारी नीति अपनाकर धमकाया जा रहा है। लिहाजा संगठन के आदेश पर जिले सभी पटवारियों सामूहिक इस्तीफा पटवारी संगठन के जिलाध्यक्ष को सौंप रहे हैं।

प्रशासन के आदेश के बाद पटवारियों का फैसला

पटवारियों की हड़ताल के बाद बुधवार को आयुक्त संदीप यादव ने एक पत्र प्रदेश के सभी कलेक्टर को भेजकर हड़ताली पटवरियों पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष गौरी शंकर ने बताया कि इस आदेश के बाद संगठन के निर्देश पर पटवारियों ने धरना स्थल पर सामूहिक रूप से इस्तीफा लिखकर कहा है कि अगर सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है तो संगठन का सामूहिक रूप से इस्तीफा मंजूर करें। जिलाध्यक्ष के अनुसार, यह इस्तीफा प्रदेशाध्यक्ष भेजेंगे। अंतिम निर्णय संगठन मिलकर करेगा।

अब देखना यह होगा कि पटवारियों के इस्तीफे सौंपे जाने के बाद सरकार पटवारी और उसके साथ आ रही दिक्कतों को दूर करती है यह दिए गए इस्तीफों को मंजूर करती है।
मुरैना से नितेन्द्र शर्मा की रिपोर्ट


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मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।”

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