मुरैना में कर्मचारियों की अनोखी हड़ताल, विरोध करने की बजाय मालपुआ, खीर की उड़ाई दावत

कैलारस में कर्मचारियों की अनोखी हड़ताल सामने आई है। जिसमें हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने जनपद कार्यालय में देशी घी के मालपुआ व खीर बनवा कर भंडारा किया गया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

मुरैना, संजय दीक्षित। मुरैना (Morena ) के कैलारस की जनपद पंचायत में हड़ताल का एक नया रूप देखने को मिला। जहां पंचायत विभाग के कर्मचारी हड़ताल (strike) पर चले तो गए, लेकिन दावत उड़ाने की। बतादें कि कई जगह कर्मचारी सरकार की नीतियों के विरोध स्वरुप धरना प्रदर्शन करतेे हुए नारे-बाजी करते हैं और अधिकारियों का घेराव करते हुए ज्ञापन देते हैं, लेकिन कैलारस में कर्मचारियों की अनोखी हड़ताल सामने आई है। जिसमें हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने जनपद कार्यालय में देशी घी के मालपुआ व खीर बनवा कर भंडारा किया गया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस जश्नभरी हड़ताल के बारे में जिलेभर में चर्चा हो रही हैं। लोग कह रहे हैं कि अरे, यह कैसी हड़ताल? यहाँ तो धरने पर बैठे कर्मचारी माल पुआ खा रहे है।

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यहां बता दें कि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास संयुक्त मोर्चा के बैनर तले प्रदेश भर के जनपद व ग्राम पंचायतों के अधिकारी- कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हुए हैं।कर्मचारियों की हड़ताल 22 जुलाई से चल रही है। इस हड़ताल में मनरेगा के अधिकारी व कर्मचारी भी शामिल हैं। कैलारस जनपद सहित सभी 65 ग्राम पंचायतों में कर्मचारियों के द्वारा हड़ताल की जा रही है। इन पंचायतों के रोजगार सहायक व सचिव भी हड़ताल पर हैं। यहां जनपद कार्यालय के एक हिस्से में खीर व मालपुआ बनाए गए तथा हड़ताल में शामिल अधिकारियों व कर्मचारियों ने चटखारे ले-लेकर दावत उड़ाई लेकिन सबसे खास बात ये रही कि इसमें दावत बनाने के लिए घरेलू गैस सिलेण्डर का उपयोग धड़ल्ले से किया गया था। हड़ताल में बैठे अधिकारियों व कर्मचारियों ने इस बात का भी ख्याल नहीं किया कि एक तरफ सरकार की गलत नीतियों का विरोध कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ स्वयं गलत नीति पर चल रहे हैं।

हड़ताल के दौरान जहां एक तरफ देशी घी के मालपुआ, खीर, रायता व आलू की घोंटा सब्जी की दावत उड़ रही थी। वहीं कुछ ग्रामीण अपनी शिकायतों को लेकर वहां आए तो उन्हें उलटे पैर वापस कर दिया गया। उनसे कहा गया कि जब, तक हड़ताल चलेगी, कोई काम नहीं होगा। जिसके बाद ग्रामीण निराश होकर वापस घर के लिए चले गए। बताया जाता है कि दावत के दौरान कोरोना गाइडलाइन का भी अधिकारियों-कर्मचारियों ने पालन नहीं किया। किसी के मुंह पर मास्क नहीं था। इस पूरे मामले में जिला पंचायत सीईओ रोशन सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराने के बाद जो भी दोषी व्यक्ति होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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