MP News : किसानों के लिए राहत भरी खबर, समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की अवधि बढ़ी, अब इस तारीख तक होगी , जानें रेट-नियम और डिटेल्स

मध्यप्रदेश में 567,342 किसानों से 45.66 लाख टन गेहूं की खरीदारी की गई है।। खरीदे गए गेहूं के एवज में 16,22,404 किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के आधार पर 46,79,798 लाख रुपए का भुगतान भी कर दिया गया है।

Wheat

MP Wheat Procurement 2024 : मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की अंतिम तिथि को एक बार फिर बढ़ा दिया गया है। अब राज्य सरकार 31 मई तक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन करेगी, पहले अंतिम तिथि 20 मई निर्धारित थी।इस साल किसानों से 2275 व राज्य बोनस 125 कुल 2400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों से गेहूं की खरीदी की जा रही है।

अब 31 मई तक गेहूं की खरीदी

दरअसल, रबी विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर एवं उज्जैन संभाग में उपार्जन की अवधि 07 मई एवं शेष संभागों में 15 मई तक निर्धारित थी, इसके उपरांत किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की अवधि 20 मई 2024 तक बढ़ाई गई है लेकिन अब गेहूं उपार्जन की अवधि 31 मई 2024 तक बढ़ा दी गई है। इसके बाद किसी को मौका नहीं मिलेगा।सभी जिलों के कलेक्टर और खाद्य आयुक्तों को भी निर्देशित कर दिया गया है।

अबतक 45.66 लाख खरीदी

बता दे कि मध्यप्रदेश में 567,342 किसानों से 45.66 लाख टन गेहूं की खरीदारी की गई है।। खरीदे गए गेहूं के एवज में 16,22,404 किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के आधार पर 46,79,798 लाख रुपए का भुगतान भी कर दिया गया है। इस साल केंद्रीय में प्रदेश के किसानों से करीब 80 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। पिछले साल 15 मई तक 259 लाख टन से कुछ अधिक गेहूं की सरकारी खरीद हुई थी जबकि पूरे सीजन की खरीद 262 लाख टन तक पहुंची थी।

खरीफ फसल पर अल्पकालीन ऋण की तिथि 31 मई

  • राज्य शासन ने केवल उपार्जन से संबंधित कृषकों के लिए खरीद 2023 सीजन में वितरित किए गए अल्पकालीन फसल ऋण की देय तिथि बढ़ाकर 31 मई 2024 नियत की है।सरकारी बैंकों के माध्यम से कृषकों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान योजना अंतर्गत वर्ष 2023-24 में शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को अल्पावधि फसल ऋण दिये जाने की योजना निरन्तरता के संबंध में भी निर्देश जारी किये गये हैं।
  • किसानों को उपार्जित फसल की देय राशि प्राप्त होने में तकनीकी आदि कारणों से विलंब को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि केवल ऐसे कृषकों जिनके द्वारा निर्धारित डयू डेट 30 अप्रैल, 2024 तक समर्थन मूल्य पर अपने विभिन्न फसलों जैसे – गेहूं, चना, मसूर, सरसों आदि का विक्रय किया गया है एवं उन्हें उनके उपज विक्रय की राशि का भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है तथा उपार्जन की निर्धारित अंतिम तिथि तक उक्त फसलों का विक्रय करने वाले शेष किसानों के लिए 0% ब्याज दर योजनान्तर्गत खरीफ 2023 सीजन की निर्धारित डयू डेट 30 अप्रैल से बढ़ाकर 31 मई किया जायेगा।


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Pooja Khodani

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खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। "कलम भी हूँ और कलमकार भी हूँ। खबरों के छपने का आधार भी हूँ।। मैं इस व्यवस्था की भागीदार भी हूँ। इसे बदलने की एक तलबगार भी हूँ।। दिवानी ही नहीं हूँ, दिमागदार भी हूँ। झूठे पर प्रहार, सच्चे की यार भी हूं।।" (पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर)