अतिक्रमण से छलनी हो रही नर्मदा , कोर्ट में पेश हुई रिपोर्ट, 16 मार्च को अगली सुनवाई

जबलपुर, संदीप कुमार। राज्य सरकार (state government) द्वारा हाईकोर्ट में दी गई नर्मदा स्टेटस रिपोर्ट (narmada status report) के अनुसार 2008 के बाद से अब तक नर्मदा नदी (narmada river) के 300 मीटर के दायरे में 75 अतिक्रमण (encroachment) हो चुके हैं। सरकार ने बंद लिफाफे में कोर्ट के समक्ष स्टेटस रिपोर्ट पेश की, दयोदय सेवा केन्द्र ने तिलवारा घाट पर नर्मदा के पास अवैध निर्माण (illegal construction) के आरोप लगाए थे। इस बारे में कोर्ट में एक याचिका (petition) दायर हुई थी, याचिकाकर्ता को रिपोर्ट का अवलोकन कर आपत्ति पेश करने के लिए कोर्ट ने समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई (hearing) 16 मार्च को होगी

नर्मदा मिशन और समर्थ गौ चिकित्सा केन्द्र के अध्यक्ष शिव यादव ने याचिका में तिलवारा घाट में निर्माण कार्यों को चुनौती दी। उन्होंने याचिका में कहा कि तिलवारा घाट क्षेत्र में दयोदय पशु संवर्धन केन्द्र की ओर से खुदाई और निर्माण कार्य हो रहा है, इससे नदी के प्राकृतिक रास्ते पर असर पड़ेगा। हाईकोर्ट ने पहले हुई सुनवाई में तट से 300 मीटर के भीतर निर्माण कार्य पर रोक लगाने के आदेश दिए थे। साथ ही अतिक्रमण के संबंध में रिपोर्ट पेश करने को कहा था

12 साल में 75 जगह अतिक्रमण
रिपोर्ट में बताया गया है कि जबलपुर में साल 2008 के बाद नर्मदा नदी के तीन सौ मीटर  के दायरे में तिलवाराघाट, ग्वारीघाट,जिलहेरीधाट, रमनगरा, गोपालपुर, दलपतपुर, भेडाधाट में कुल 75 अतिक्रमण पाए गए हैं। 41 निजी भूमि, 31 शासकीय भूमि और तीन आबादी भूमि में अतिक्रमण मिले हैं।