ग्रामीणों में आई जागृति, जंगल से होकर राजस्थान जाने वाली सीमा पर दे रहे हैं पहरा

नीमच। श्याम जाटव| जब से कोरोना ने ग्रामीण क्षेत्र में दस्तक दी है तबसे अरनिया गांव वासियों द्वारा टीम का गठन कर जंगल से होकर राजस्थान में जाने वाले मार्ग को पूरी तरह बाधित कर दिया है| पहरा अलग-अलग शिफ्ट में प्रति परिवार से एक सदस्य को साथ लेकर गांव के चारों तरफ चार चार व्यक्तियों की टीम बनाकर चौकसी की जा रही है|

धारडी क्षेत्र से अरनिया होकर राजस्थान के मेनाल जोगणिया माता आदि जाने वाले मार्ग हैं जहां पर प्रशासन द्वारा कोई चेक पोस्ट नहीं लगाने से राजस्थान के लोग सहजता से एमपी में प्रवेश कर जाते हैं| ऐतियात के लिए मेढकेश्वर महादेव घाट पर प्रशासन द्वारा खाई खोदी गई व पत्थर की दीवार खड़ी की गई| लेकिन फिर भी लोग रास्ता बना कर आ जाते थे| मगर ग्रामीणों द्वारा जबसे पहरा दिया जा रहा है लोगों की आवाजाही कम हुई है|

ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर पुलिस द्वारा रोज पेट्रोलिंग की जा रही है मगर पुलिस के जाने के बाद लोग वापस आने लग जाते हैं केरोना सक़मण महामारी से गांव को बचाने के लिए हम सब ने ग्रामीण स्तर पर टीम तैयार कर जंगल में जाने वाले रास्ते पर काटे डालकर रास्ते को अवरुद्ध कर रखा है वह बाहर से आने वाले को समझाइश देकर गांव के बाहर से ही भेज देते हैं गांव के चारों तरफ पहरा होने की वजह से गांववासी पूरी तरह सुरक्षित है वह सब तरफ ग्रामीणों की प्रशंसा की जा रही है।