सुविधाओं के अभाव में बदहाली पर आंसू बहाता नीमच का राजेंद्र प्रसाद स्टेडियम, फुटबॉल खिलाड़ियों में निराशा

Dr. Rajendra Prasad Stadium
Dr. Rajendra Prasad Stadium

नीमच, कमलेश सारडा। मप्र (MP) में नीमच (Neemuch) का नाम देश में फुटबॉल खेल (football game) से पहचाना जाता है। और यहां के कई फुटबॉल खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर भी नीमच का नाम रोशन कर चुके हैं। लेकिन जिस मैदान में यह फुटबॉल खेल खेला करते थे, वह आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। और यहां के फुटबॉल खिलाड़ी यहां की असुविधाओं से खासे परेशान है।

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दरअसल नीमच का राजेंद्र प्रसाद स्टेडियम (Dr. Rajendra Prasad Stadium) नगर पालिका की उदासीनता के चलते सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। जिसके चलते फुटबॉल खिलाड़ियों में निराशा दिख रही है। बात की जाए स्टेडियम में ग्रास फील्ड की तो वह भी नहीं लगी है। इसके अलावा स्टेडियम में गंदगी और कीचड़ पसरी हुई है। रात में शराबियों का जमावड़ा भी यहां पर लगता है। जो शराब पीकर बोतल मैदान में ही फेंक जाते हैं। जिसकी वजह से खिलाड़ियों को खेलने में भी परेशानियां होती है। और उनकी महंगी फुटबॉल बार बार पंचर हो जाती है। कुल मिलाकर देखा जाए की नीमच में प्रदेश स्तर का एक बड़ा स्टेडियम तो है। लेकिन सुविधाओं के अभाव से यहां खिलाडियों का भविष्य दाओ पर लगा हुआ है।

जब इस बारे में एक खिलाडी से पूछा गया तो खिलाड़ी आकाश अहीर बताया कि ग्राउंड में किसी भी तरह की सुविधाएं नहीं होने के कारण हमें बाहर प्रैक्टिस करना पड़ता है। और यह स्टेडियम खेलने लायक बिल्कुल भी नहीं है। कीचड़ से लेकर गाय घोड़ी तक यहां देखने को मिलते हैं। और ग्राउंड में कांटे भी हो रखे हैं जिससे हमारी बॉल पंचर हो जाती है। यहां पर ना तो कोई सिक्योरिटी गार्ड है ना किसी तरह की सुरक्षा। जिसके कारण असामाजिक तत्व आकर यहां रात में उत्पात मचाते हैं।

वहीं इस बारे में नीमच नगर पालिका के स्वास्थ्य अधिकारी विश्वास शर्मा का कहना है कि बारिश की वजह से कुछ समस्याए आ रही है। बारिश बाद इन्हें दूर किया जाएगा। इसके अलावा जो भी स्टेडियम में सुधार करना है, उसे जल्द ही करेंगे। बहरहाल खिलाडियों की बातों और सामने आई तस्वीरों से साफ़ पता लगता है कि स्टेडियम की हालत किस कदर ख़राब है। अब देखना होगा कि कब तक इसकी सुध लेते है या फिर खिलाडियों को यूं ही बहार जाकर प्रैक्टिस करना पड़ेगा।