नीमच जेल ब्रेक मामले में नया खुलासा, कैदियों को फरार कराने प्रहरी ने लिए थे एक लाख रुपए

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नीमच।

नीमच जिला जेल से फरार चार कैदियों के मामले में लगातार हो रही है जांच में चौकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अब जांच के दौरान फरार हुए कैदियों के साथ जेल प्रहरी की मिलीभगत सामने आई है। फरार हुए 4 कैदियों में से पकडे गए एक कैदी लेखराम बावरी ने यह बात पूछताछ के दौरान बताई है। एएसपी राजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि कैदियों को जेल से भगाने में मदद करने के एवज में पंकित ने ये रुपए भी लिए थे। पंकित से पूछताछ में और भी कई राज खुल सकते हैं।

बता दें कि प��कित शर्मा नाम के जेल प्रहरी पर कैदियों को भगाने के एवज में एक लाख रुपए के लेन-देन की बात सामने आ रही है। यह बात सामने आने के बाद शनिवार को पुलिस ने जेल प्रहरी पंकित शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। जिसे आज (30 जून) पुलिस न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने की मांग कर सकती है।  पुलिस टीम कोफरार तीन कैदी व सहयोगी की भूमिका में चार अपराधियों की तलाश है। पुलिस ने जांच के बाद मामले में 15 आरोपित बनाए थे। इनमें से 8 आरोपित गिरफ्तार हो चुके हैं। 

घटना के बाद सात दिनों तक ड्यूटी करता रहा पंकित  

जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि जेल ब्रेक की घटना में शामिल होने के बावजूद पंकित सात दिनों तक जेल में ही ड्यूटी करता रहा। पुलिस द्वारा ऐसे कयास लगाए जा रहें हैं कि पंकित शर्मा से रिमांड के दौरान पूछताछ में अभी कई और भी चौकाने वाले राज सामने आ सकते हैं। इस पुरे मामले में अब तक की जांच में पांच जेल प्रहरियों पर गाज गिर चुकी है। दो जेल प्रहरियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है तो वहीं पंकित शर्मा को शनिवार को गिरफ्तार किया गया है। 

रस्सी के सहारे जेल से फरार हुए थे कैदी

जिला जेल कनावटी से 23 जून की सुबह चार कैदी रस्सी के सहारे दीवार फांदकर भागे थे। फरार कैदियों में से एक स्थानीय कैदी था और माना जा रहा है कि उसी के साथियों ने घटना को अंजाम देने में उसकी मदद की है क्योंकि जिस रस्सी से कैदी फरार हुए हैं वो जेल के बाहर से अंदर की ओर फेंकी गई थी और बाहर एक जगह से रस्सी को मजबूती से बांध दिया गया था। कैदियों को पकड़ने के लिए पुलिस मध्यप्रदेश सहित राजस्थान में भी तलाशी कर रही है।