धार्मिक नगरी में चल रही शराब की दुकानों के खिलाफ उमा भारती के दिखे सख्त तेवर, जानें क्या कहा

Amit Sengar
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MP News : मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती रामराजा सरकार की नगरी ओरछा पहुंच गई हैं। उन्होंने धार्मिक नगरी में चल रही शराब की दुकानों को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ​​​​​​उन्होंने कहा कि ​रामराजा सरकार की नगरी में शराब की दुकान का क्या औचित्य, लोगों की लत का उपयोग कर रुपए बनाना सरकार का धर्म नहीं है।

मनमाफिक जगह पर दुकान का आवंटन

उमा भारती ने ट्वीट कर लिखा, रामराजा सरकार के दर्शन करके मन प्रसन्नता से भर जाता है लेकिन ओरछा नगरी के मुहाने पर शराब की दुकान के मेरी रामभक्ति को चुनौती देती है। उन्होंने आगे लिखा कि जनता एवं हमारे सभी संगठनों के घोर विरोध के बावजूद इसका लाइसेंस मिला। जबकि जिला आबकारी अधिकारी को तय करना था। उमा भारती ने साफ कहा आबकारी अधिकारी को शर्म आना चाहिए थी, शराब दुकान वाले तो अपना फायदा सोचेंगे। उन्होंने कहा कि शराब दुकान को राजस्व के लिए टारगेट दे दिया जाता है, क्योंकि हमें सबसे आसान शराब लग रही है। ज्यादा राजस्व के लिए दुकान वालों को मनमाफिक जगह पर दुकान का आवंटन कर दिया। आबकारी अधिकारी ने ये नहीं सोचा कि रामराजा सरकार के दरवाजे पर दुकान खोल रहे हैं, क्या जरूरत है ऐसे राजस्व की।

मैं हूं मूल दोषी

उन्होंने कहा कि नशा लोगों की आदत है व शराब लोगों की लत है और सरकार इसका उपयोग कर लेती है। लोगों की लत का उपयोग कर पैसे बनाना सरकार का धर्म नहीं है सरकार का धर्म है कि लोगों की लत को खत्म कर ले। उन्होंने कहा कि इसमें मूल दोषी कौन है बात तो यहां आएगी। उमा भारती ने कहा इसमें मूल दोषी वह है जो राम का नाम लेते है। इसके बाद उमा भारती बोली मैं हूं मूल दोषी मुझे फांसी पर लटकाओ। उमा भारती बोली मेने सरकार के लिए वोट मांगे थें।

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उमा ने कहा मर्यादा नहीं रखी

मीडिया से चर्चा में उमा भारती ने कहा कि हमने सोचा नहीं था कि हमारी सरकार में शराब की समस्या आ जाएगी। हम दिल्ली और छत्तीसगढ़ में इसका विरोध कर रहे थें उससे बुरी हालत हमने यहां कर दी, कोई मान मर्यादा नहीं रखी। ओरछा की शराब दुकान का जिक्र करते हुए उमा भारती ने कहा कि इस दुकान की मर्यादा तो रोड से 50 मीटर की भी नहीं है। भोपाल के करोंद चौराहे की शराब दुकान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक ही बाउंड्रीवॉल से लगा लड़कियों का स्कूल था और उसी से लगी शराब की दुकान थी।

शराब पर नियंत्रण सरकार का धर्म और गऊ की सेवा समाज का धर्म

यहां लोगों को गंगाजल बांटना चाहिए, गाय का दूध और छाछ पिलाना चाहिए, आप यहां शराब पिला रहे हो तो फिर किस बात की राम की भक्ति है। भारतीय जनता पार्टी राम भक्ति से दूर हो रही है, इस सवाल के जवाब में उमा भारती ने कहा कि यह तो आप वीडी शर्मा से पूछना, इस सवाल का हम जवाब नहीं देंगे। आगे उन्होंने कहा कि शराब पर नियंत्रण सरकार का धर्म और गऊ की सेवा समाज का धर्म। साथ ही मेरी रामराजा सरकार से प्रार्थना है कि सरकार एवं समाज अपने अपने धर्म का पालन अवश्य करें।


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मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।”

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