Panna : ग्राम पंचायत दलहान चौकी में पेयजल की भीषण समस्या, ग्रामीण परेशान, जिम्मेदारों ने झाड़ा पल्ला

इस मामले में शासन के लाखों खर्च होने के बाद भी जिम्मेदार अपना पल्ला झाड़ रहे हैं और जिम्मेदारी नहीं ले रहे हैं।

पन्ना, भारत सिंह यादव। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के पन्ना (Panna) के अंतर्गत आने वाली पंचायत दलहन चौकी में पेयजल की भीषण समस्या से ग्रामीण परेशान है। हालत इतने ख़राब है कि ग्रामीणों को तकरीबन दो 2 किलोमीटर दूर जाकर साइकिल से पूर्व सरपंच के प्राइवेट बोर से पीने के लिए पानी भरना पड़ता है। वहीं इस मामले में शासन के लाखों खर्च होने के बाद भी जिम्मेदार अपना पल्ला झाड़ रहे हैं और जिम्मेदारी नहीं ले रहे हैं।

यह भी पढ़ें…Panna : कैंपस से चोरी हुआ था हाईवा, पुलिस ने 6 घंटे में आरोपी सहित किया बरामद

एक ग्रामीण द्वारा बताया गया कि विगत 4 माह से बोर खराब है पर किसी भी पंचायत के पदाधिकारी ने इस ओर ध्यान देने की जरूरत नहीं समझी। ग्राम पंचायत दलहान चौकी के ग्रामीणों द्वारा साइकिल से करीब 2 किलोमीटर साइकिल चलाकर पानी भरने जाते हैं और अपनी पेयजल की समस्या दूर करते हैं। शासन द्वारा जो बोर खुदवाया गया था वह विगत 6 माह से खराब है।

इस मामले में जब सरपंच के पति कैलाश अहिरवार से सवाल किया गया तो उनका जवाब चौकाने वाला था। उनका कहना था की वह 6 माह से नहीं 4 माह से खराब है। दो तीन बार बोर्ड को ठीक कराने का प्रयास किया गया लेकिन वह ठीक नहीं हुई। वही 2 किलोमीटर दूर से पानी भरने पर कहा की बोर ज्यादा दूर नहीं है पास में ही है। मोटर को निकलवाने का प्रयास किया है पर वह नहीं हो पाई इसमें हम क्या कर सकते हैं। अब आप सोच सकते हैं की इतना कह देने से उनकी समस्या तो दूर हो गई पर ग्रामीण अपनी समस्या विगत 4 माह से कैसे दूर कर रहे होंगे।

बतादें कि मध्यप्रदेश शासन व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोगों को स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए बहुमुखी नल जल योजना शुरू की गई है। इसमें प्रधानमंत्री का विशेष रूचि है कि लोगों तक साफ पानी पहुंच सके। पर लगता है दलहान चौकी पंचायत लोगों की पेयजल की समस्या को गंभीरता से नहीं ले रही है। न ही सचिव द्वारा इसमें कोई 4 माह से ठोस कदम उठाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार सचिव एवं सरपंच महोदय से प्रार्थना की गई की बोर को संचालित कराया जाए और हमें पीने के लिए पानी की व्यवस्था की जाए। पर उनके द्वारा हमारी बात को दरकिनार कर दिया गया एवं चार माह गुजर जाने के बाद भी बोर को सही नहीं कराया गया।