पेट्रोल डीजल मूल्य वृद्धि: कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर लगाया जनता को प्रताड़ित करने का आरोप

देश की आम जनता से आह्वान किया है कि अगर उन्हें भी लगता है कि केंद्र सरकार के द्वारा लगातार पेट्रोल डीजल के दामों में इजाफा किया जा रहा है तो वह कांग्रेस का समर्थन करें और केंद्र सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरें। 

जबलपुर, संदीप कुमार।  पेट्रोल डीजल (Petrol Diesel) के लगातार बढ़ते दामों को लेकर ना सिर्फ आम जनता परेशान हैं बल्कि विपक्ष को भी अब लगने लगा है कि पेट्रोल-डीजल के मूल्य उनकी जद से बाहर जा चुके हैं, लिहाजा आज पूरे देश में कांग्रेस ने बढ़ते पेट्रोल डीजल के दामों को लेकर केंद्र सरकार को घेरा, जबलपुर जिले में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल पंप परिषर के बाहर धरना दिया।

जनता को लूटने का काम कर रही है केंद्र सरकार 

मध्य प्रदेश में आज पेट्रोल के दाम 104 रुपये से ज्यादा तो वहीं डीजल 95 रुपये के पार पहुंच गया है बढ़ते मूल्य को देखते हुए जबलपुर में कांग्रेस (Congress) के कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाए।  कांग्रेस नगर अध्यक्ष दिनेश यादव ने बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों का विरोध करते हुए कहा है कि वर्तमान की मोदी सरकार आम जनता को ठग रही है बल्कि इतना प्रताड़ित कर रही है कि आने वाले समय में बढ़ते पेट्रोल डीजल के दामों को लेकर जनता में आक्रोश पनपने लगा है।  कांग्रेस नगर अध्यक्ष ने कहा कि हम जनता के साथ हैं और जिस तरह से पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ रहे हैं उसका विरोध करने के लिए कांग्रेस कुछ भी कर सकती है।

जब मनमोहन की सरकार थी उस समय यही मोदी करते थे विरोध

कांग्रेस नगर अध्यक्ष दिनेश यादव ने कहा कि जब केंद्र में मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री हुआ करते थे उस दौरान नरेंद्र मोदी को पेट्रोल डीजल के दाम बढ़े हुए और महंगे लगते थे इसके विरोध में नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन भी किया था पर आज जब लगातार पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ रहे हैं तो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने चुप्पी साधे हुए हैं।

कांग्रेस ने जनता से की अपील

बढ़ते पेट्रोल डीजल के मूल्यों को लेकर कांग्रेस ने आज प्रदर्शन किया साथ ही देश की आम जनता से आह्वान किया है कि अगर उन्हें भी लगता है कि केंद्र सरकार के द्वारा लगातार पेट्रोल डीजल के दामों में इजाफा किया जा रहा है तो वह कांग्रेस का समर्थन करें और केंद्र सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरें।