शिवपुरी में करोड़ों का भ्रष्टाचार का मामला आया सामने , अधिकारियों ने राहत राशि डाली अपने खातों में

शिवपुरी, शिवम पाण्डेय। पिछोर में राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है, यहाँ सूखा राहत की राशि में करोड़ों के भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला है, जिसने शिवपुरी जिले में भ्रष्टाचार की परतें खोल दी है। यहाँ सूखा राहत राशि तहसीलदार पटवारी बाबुओं ने अपने चहेतों के खाते में राशि डाल कर करोड़ों के भ्रष्टाचार को अंजाम दिया है। पिछोर में बाबुओं और अधिकारियों के द्वारा करोड़ों रुपए निकाल लिए गए, जबकि राहत राशि वितरण में पिछोर अनुविभाग में अन्नादाताओं को दरकिनार कर प्रशासनिक अधिकारियों ने कर्मचारियों से अपराधिक सांठगांठ कर ने 1.72 करोड़ रुपये का फर्जी भुगतान अपनी खुद के ओर चहेतों और रिश्तेदारों के खाते में अनाधिकृत खातों में कर दिया, यह एक बड़ा घोटाला पिछोर तहसील में अंजाम दिया गया है।

खनियाधाना पिछोर मे वर्ष 2018 से सूखा राहत के लिए अन्नदाताओं के लिए भेजे जा रहे पैसों मे जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है और लगातार इस मामले मे काम का पैसा हड़पने के लिए खनियाधाना तहसील के बाबू और अधिकारी के जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं |

दरअसल भ्रष्टाचार का यह मामला कुछ इस तरह है कि वर्ष 2018-19 में शिवपुरी कलेक्टर को 176 करोड़ और वर्ष 2019-20 में 25.91 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। राहत बिलों की संवीक्षा और कोषालय की ई-भुगतान सूची में लेखापरीक्षा के दौरान आंकड़ों में बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ लिया गया। पिछोर में पकड़े गई करोड़ों के भ्रष्टाचार के संबंध में महालेखाकार द्वारा शासन के सचिव को अवगत कराया था। इसके बाद शिवपुरी प्रशासन से इसके संबंध में प्रतिवेदन मांगा गया था, लेकिन अधिकारियों मिलीभगत होने के कारण ने समय पर प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया।

कुल इतना भुगतान किया गया 

2017-18 — 142.61 करोड़

2018-19 — 176 करोड़

2019-20 — 25.91 करोड़

2018-19 — 176 करोड़

2019-20 — 25.91 करोड़

पिछोर तहसील के लिए कलेक्टर ने जून 2019 में 100 हितग्राहियों के लिए 16.65 लाख रुपये के लिए बिल नंबर 20003494879 रेज किया। जांच में पता चला कि इसमें 100 हितग्राहियों में से पांच लाख राशि 18 अपात्र हितग्राहियों के खाते में डाली गई। सीटीएस में डाटा अपलोड करते समय इनके नाम और खाते बदले गए। ई-पेमेंट की आगे की स्क्रूटनी में पता चला कि पिछोर तहसील में कुल 25.40 लाख रुपये मल्टीपल बिलों के जरिए इन 18 अपात्रों के खातों में डाले गए। वही खनियाधाना तहसील के बाबू ने अपने खाते में डलवा लिए रुपये, 53.39 लाख का फ्रॉड खनियाधाना तहसील में 36 खातों में 53.39 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा भुगतान हुआ है । इन 36 खातो में से एक खाता तहसील के नाजिर शाखा के बाबू अजय कुमार सविता का भी है। अलग-अलग बिलों के जरिए बाबू ने ही 3.49 लाख रुपये का भुगतान ले लिया। बैंक के केवायसी के अनुसार अजय के भाई अभय को भी करीब 2.30 लाख रुपये का भुगतान ले लिया। ऑडिट रिपोर्ट में खनियाधाना के पिछोर के इस मामले मे साफतौर पर उल्लेख किया गया है कि यहां पर प्रमाणिकता का गंभीर रूप से उल्लंघन किया गया है। फिलहाल मामला सामने आने के बाद अब अधिकारी कर्मचारी इस मामले मे कुछ भी बोलने से बच रहे है|