बीजेपी विधायक ने सरकारी सिस्टम में लगाया भ्रष्टाचार का आरोप, सीएम को लिखा पत्र

टीकमगढ़, आमिर खान। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भतीजे और खरगापुर विधानसभा से बीजेपी विधायक राहुल सिंह लोधी ने अपने ही सरकारी सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। विधायक ने जिला अस्पताल में दवाइयों व अन्य सामान की खरीदी में भ्रष्टाचार का मामला उठाते हुए एक शिकायती पत्र मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भेजा है।

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विधायक राहुल सिंह ने जिला औषधि भंडार शाखा में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।उन्होने आरोप लगाया कि अस्पताल में दलालों और अधिकारियों व डाक्टरों के बीच  सांठगांठ चल रही है और इसपर अंकुश लगाने की मांग की है। विधायक ने अपने पत्र में लिखा कि यदि यहां निष्पक्ष जांच कर दोषियों से पूछताछ की जाए तो भ्रष्टाचार और मरीजों के लूट करने वालों की लंबी फेहरिस्त निकलेगी।

राहुल सिंह ने आरोप लगाया है कि जिला औषिधि भण्डार शाखा में नियमित फार्मासिस्ट पदस्थ होते हुए भी स्टोर एवं क्रय शाखा का प्रभार संविदा फार्मासिस्ट को दिया गया। उसके द्वारा वेतन निकालने के साथ अन्य योजनाओं में अनियमितताएं की जा रही है। इसके साथ ही दलाल मानू खान और डाटा एंट्री ऑपरेटर प्रदीप राय के साथ मिलकर खरीदी में अनियमितताएं की गई जिसमें स्वास्थ्य विभाग की सामग्री को बाजार के रेटों से कई गुना बढ़ाकर खरीदी हुई है। उन्होने सीएम से मांग की कि जिला औषिधि भण्डार की खरीद की जांच कर दोषियों पर आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। पत्र में लिखा गया है कि कोरोना की दूसरी लहर फरवरी से चल रही है इसके बाद भी शासन के नियमों के विरूद्ध ऐसी कम्पनियों से सामग्री खरीद की गई जिनके पास न तो लायसेंस है और न ही जरूरी दस्तावेज। उनका कहना है कि बाजार में पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर पांच सौ से एक हजार रुपए में मिल जाते हैं। लेकिन उनकी खरीदी 1700 से 1800 रुपए के साथ अन्य खरीदी भी कई गुने दामों में खरीदी गई है। खरीदी में टेंडर की शर्तो की प्रक्रिया का पालन न करके मनमाने तरीके मनचाही फर्म जी इंटर प्राइजेज आयशा मेडिकल एजेंसी के साथ अन्य फर्मो से खरीदी की गई है। ओषिधि सामग्री कॉपरेशन से दवाएं मुफ्त में उपलब्ध होती है लेकिन इनके द्वारा वहीं दवाइयां को ओपन बाजार में बिना टेंडर के ऊंचे दामों क्रय किया गया है। जिले की अस्पतालों में स्थानीय स्तर से औषिधि एवं सामग्री गुणवत्ता की खरीदी कर आमजन को बांटी जा रही है जिससे जान को खतरा हो सकता है।

अपने पत्र में राहुल सिंह ने लिखा है कि जिले में पदस्थ कर्मचारियों द्वारा कोरोना काल में पूर्ण निष्ठा से कार्य किया जा रहा है लेकिन डाट एंट्री ऑपरेटर द्वारा कमीशन की मांग पूरी होने पर ही अन्य कर्मचारियों की वेतन का भुगतान किया जाता है। उन्होने मांग की कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की जिला औषिधि भण्डार शाखा टीकमगढ़ से पदस्थ संविदा फार्मासिस्ट एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर को क्रय एवं स्टोर शाखा से हटा कर अन्य नियमित कर्मचारी को पदस्थ किया जाए। वहीं दलाल मोनू खान एवं अन्य कर्मचारियों के विरूद्ध मामला दर्ज करने के लिए आदेश दिए जाए।

बीजेपी विधायक ने सरकारी सिस्टम में लगाया भ्रष्टाचार का आरोप, सीएम को लिखा पत्र