दिग्विजय का सिंधिया पर तंज- ‘इंतजार कर रहे, कब सड़क पर उतरेंगे’

सरकार की तुलना नालायत बेटे से की, कहा- संपत्ति बेचकर कर रहे ऐश

दिग्विजय सिंह

निवाड़ी, मयंक दुबे। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (digvijay singh) ने सरकार की तुलना नालायक बेटों से की है। पत्रकारों से बात करते हुए दिग्विजय ने कहा कि ‘फिजूलखर्ची बहुत ज्यादा है, ये पूरी सरकार एक नालायक पुत्र के समान है जो पैतृक संपत्ति बेचकर ऐश करता है।’ वहीं कोरोना (corona) को लेकर उन्होने तंज कसते हुए कहा कि ‘लगता है कोरोना भी शासकीय आदेश पर काम कर रहा है, जब चाहो कोरोना आ जाता है, जब चाहो कोरोना चला जाता है।’

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सिंधिया जी कब सड़क पर उतरेंगे

पृथ्वीपुर पहुँचे प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया (jyotiraditya scindia) को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ा। अतिथि शिक्षकों के एक सवाल पर दिग्विजय सिंह ने हुए कहा ‘हम इंतजार कर रहे हैं, सिंधियाजी कब सड़क पर उतरेंगे।’ पृथ्वीपुर में पत्रकारों के अतिथि शिक्षकों को लेकर किए गए सवाल पर दिग्विजय ने कुछ यूं चुटकी ली। वहीं प्रदेश की भाजपा सरकार को घेरते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि छतरपुर के बड़ा मलहरा में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष की हत्या से लगता है कि प्रदेश में जंगलराज आ गया है। वही मध्य प्रदेश सरकार के कर्ज में डूबे होने के सवाल पर दिग्विजय ने कहा फिजूलखर्ची बहुत है, जमीनें, बस स्टैंड, नवरत्न कंपनियां, बैंक बेचे जा रहे हैं। यह पूरी सरकार उस नालायक पुत्र के समान है जो अपनी संपत्ति बेचकर ऐश करता है।

शासकीय आदेश पर काम कर रहा है कोरोना

कोरोना को लेकर दिग्विजय सिंह कहा कि जब जरूरत पड़ती है कोरोना आ जाता है और जब जरूरत पड़ती है कोरोना चला जाता है। मुझे लगता है कोरोना भी शासकीय आदेश पर काम कर रहा है ।वहीं उमा भारती के शराबबंदी के पक्ष में बोलते हुए दिग्विजय यह कहते नजर आए कि वह तो पहले से ही इसके खिलाफ हैं। जब वह मुख्यमंत्री थे तब उनकी सरकार ने यह नीति बनाई थी कि जिस मोहल्ले में आधे से अधिक महिलाएं शराबबंदी के पक्ष में हैं, वहां से दुकान हटा दी जाए। बावजूद इसके हमें यह समझ लेना चाहिए कि गुजरात में नशाबंदी है बिहार में नशाबंदी है लेकिन सबसे ज्यादा शराब वहीं बिकती है। कांग्रेस नेता मानक अग्रवाल के निष्कासन पर बोलते हुए दिग्विजय ने कहा कि सार्वजनिक तौर पर पार्टी विरोधी बयान नहीं दिया जाना चाहिए, यह अनुशासनहीनता है इसलिए कार्यवाही की गई।
राम मंदिर के सवाल पर उन्होने कहा कि चंदा वसूली अनाधिकृत रूप से हुई है इसलिए मैंने अपने दान का चेक प्रधानमंत्री जी को दिया है।